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लो डूबा मिस्टर मिन्ट तो आ गया व्हीएसटी
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बिलासपुर, 28 अगस्त 2025।
छत्तीसगढ़ में चिटफंड कंपनियां बनाकर ठगी गुजरे जमाने की बात हो गई। अब तो डिजिटल ठगी का जमाना है और महादेव ऐप भी छोटा पड़ जाएगा। मिस्टर मिन्ट और व्हीएसटी के सामने, कोई नहीं जनता की उनके संचालक कौन हैं और कहां बैठे हैं। सूत्र बताते हैं कि मिस्टर मिन्ट में बिलासपुर से ही 50 करोड रुपए डूबा और एक भी एफआईआर नहीं हुआ एफआईआर नहीं होना ही इन ठगो को और बड़ा कारनामा करने का हौसला देता है। हम व्हीएसटी का एक-एक पैच खोलेंगे पर पहले मिस्टर मिन्ट को समझे।
मिस्टर मिन्ट ने नेटवर्क मार्केटिंग ब्लॉकचेन के सहारे एक ऐसा काम इन्वेस्टर को दिया जो काम की श्रेणी में तो नहीं आता। पैदल चलो और फिर मोबाइल हिलाओ पॉइंट बनाओ डेली कमाओ डेली पैसा विड्राल कर लो और ब्लॉकचेन बनाने वालों के लिए कथित एक्सचेंज 24 घंटे काम करता है। पैसा हफ्ते में 5 दिन विड्राल होता है। एक दिन मेंटेनेंस का काम होता है सब झूठ, 10 लाख, 20 लाख, 25 लाख के मामलों में तो ईडी मुंह मारने आ जाती है। पर ब्लॉकचेन से ठगी और ठगी का पैसा जा कहां रहा है कि जांच कोई नहीं करता स्वयं संज्ञान लेकर भी नहीं करता। क्या इस ठगी के कारनामे के पीछे नेताओं, राजनीतिक दलों का पैसा है, नक्सली पैसा भी हो सकता है वह नक्सली पैसा जो खाकी की आड़ में आता है। यह बात प्रमाणित है कि बिलासपुर जिले के ही बहुत से काॅक नेटवर्क मार्केटिंग ब्लाकचैन का काम करते हैं करते हैं और ठीक से जांच हो जाए तो यह बात खुल जाएगी की अचानक कोई युवा शहर छोड़ कर क्यों गायब हो जाता है। और गायब होने के पहले उसने किसका पैसा चुकाया।


