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सट्टे के खेल में चारों खंभे ध्वस्त
- By 24hnbc --
- Monday, 17 Apr, 2023
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समाचार -
बिलासपुर, 18 अप्रैल 2023। नवगठित सक्ति जिले में सट्टे की जड़े गहराई तक फैली हैं, जो लोग सट्टे के बड़े खिलाड़ी हैं उनके पास आज करोड़ों की पूंजी है और नवीनतम संसाधनों के साथ उन्होंने इसे अपना मुख्य पेशा बनाया है। आश्चर्य की बात यह है कि सट्टे के ये आरोपी उस वर्ग विशेष से आते हैं जिसे व्यापारी वर्ग माना जाता है। प्रारंभ में सक्ति के खाईवालों को रायगढ़ से टानिक मिलता था। जब कभी रायगढ़ में जुएं और सट्टे पर पुलिस का दबाव बढ़ता था सक्ति को सुरक्षित स्थान माना जाता था। धीरे- धीरे इन लोगों ने सट्टे को अपना मूल व्यवसाय बना लिया। जुएं और सट्टे की फड़ पर रुपया घंटों में डबल होता है, यही कारण है कि वर्ष 2022 में जब आयकर विभाग ने सक्ति में कार्यवाही की तो एक सट्टेबाज के घर पर कार्यवाही के दौरान बताया जाता है कि वह अपना बड़ा माल पूर्व में ही बाहर निकालने में कामयाब हो गया था वह माल बाद में एक अन्य स्थान से बरामद किया गया यह कहानी केवल रुपयों के बंडल के कारण महत्वपूर्ण हैं बताते हैं कि ₹500 का एक पैकेट अर्थात 5 करोड़ और 1-2 नहीं पूरे 8 पैकेट एक स्थान पर रखाए गए थे, इसका सीधा अर्थ है जमीन, हथियार, नशा, चोरी, डकैती, देह व्यापार किसी में भी इतना पैसा नहीं है जितना पैसा सट्टे में है। आईपीएल के बाद तो सटोरियों की पौवाराह हो गई है। हर दिन मैच रात में मैच हर गेंद पर पैसा, हर विकेट से पैसा, हर छक्के चौबे पर पैसा, हर रन पर पैसा जीत हार पर पैसा यहां तक कि मैन ऑफ द मैच, मैन ऑफ द प्लेयर से लेकर क्रिकेटर की गर्लफ्रेंड तक पर सट्टा का दाव लगता है। सक्ति में सट्टा अब पूरी तरह मोबाइल पर होता है। आयकर विभाग ने जो चिट्ठी पुलिस विभाग को लिखी उसमें सटोरियों के घर पर मिली मशीन, सॉफ्टवेयर, मोबाइल और उस पर उपलब्ध ऐप चीख चीख कर कहता है कि सक्ति के सट्टे की धड़कनें अब अंतरराष्ट्रीय हैं। समाज में इसका क्या प्रभाव पड़ रहा है सब कुछ संगठित अपराध के साथ लोकतंत्र के तीनों खंभों को अपने साथ जोड़ता है और जिसे चौथा खंबा कहा जाता है उसे तो खाईवालों ने अपने परपोटे में बांध कर रख लिया है इतने पर भी मन नहीं भरे तो स्वयं संगठन के पदाधिकारी बन जाओ पद कम लगे तो संरक्षक बन जाओ यदि एक सटोरिए ने किसी मीडिया कर्मी को धमकाया तो इस शहर में आपातकालीन बैठक तक बुला ली जाती है और मामला थाने तक ना जाए का प्रयास किया जाता है हालांकि सब जानते हैं की पीड़ित थाने जाएगा अभी तो उसे न्याय हासिल नहीं होने वाला, पर सटोरिया जब तक सटोरिया था तब तक उसकी खबरें लिख दी जाती थी पर जब से सटोरिए ने अपने को चौथे खंभे से भी जोड़ लिया तो अब केवल उसे इंतजाम अली बनना पड़ता है, और वह भी अपने भाइयों के लिए इसमें कोई बुराई भी नजर नहीं आ रही है। सट्टे के साथ जो अन्य बुराइयां बढ़ रही है उसमें देह व्यापार भी शामिल है। आर्थिक रूप से टूटने के बाद रास्ता नजर नहीं आने पर दांपत्य जीवन समाप्त हो रहे हैं नहीं तो बहन बेटियों का जेवर गिरवी रखा रहा है। ₹1000 स्क्वायर फीट वाली जमीन सटोरिया मात्र कुछ लाख रुपए में ही ले लेता है यह एक ऐसा कुचक्र है जिसमें खिलाने वालों के अलावा कभी भी खेलने वालों का कोई वाला नहीं होता पर मात्र कुछ समय में पैसों की बरसात होगी कि मृगतृष्णा में सैकड़ों परिवार बर्बाद हो रहे हैं और शहर के 9 लोग करोड़पति से अरबपति बनने जा रहे हैं।


