निगम का भाड़ा 800, बकाया राशि 100000 अद्भुत गणित
विकास खोजने निकले भाजपाई, क्यों नहीं जाते महिला समृद्धि बाजार
- By 24hnbc --
- Tuesday, 27 Dec, 2022
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समाचार -
बिलासपुर, 28 दिसंबर 2022। इन दिनों भारतीय जनता पार्टी के बिलासपुर पूर्व विधायक विकास खोज रहे हैं वे अलग-अलग वार्ड में जाते हैं और शासन की योजनाओं का जमीन पर क्रियान्वयन कैसे हुआ है को देखते हैं। हम उनका ध्यान महिला समृद्धि बाजार नेहरू नगर गणेश चौक की और इस समाचार के माध्यम से खींच रहे हैं। उन्हें तो याद ही होगा बिलासपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र की महत्वकांक्षी उद्यमी महिलाओं के लिए इस बाजार का निर्माण हुआ। वे इस बाजार के लिए प्रेरणास्रोत थे महिला समृद्धि बाजार में निगम ने 2 मंजिला कॉन्प्लेक्स बनाया और यहां 93 दुकाने निकाली गई। सामने खूब बड़ा मैदान खुला छोड़ा गया जो भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर छोड़ा गया है। इन दुकानों का आवंटन निश्चित ही भाई भतीजावाद, निगम कर्मचारियों की रिश्तेदारी और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की रहमोंकरम से हुआ होगा। दुकानों को मात्र ₹8000 डिपाजिट लेकर आवंटित किया गया किराया राशि ₹800 हर 3 साल में 15% बढ़ोतरी दर से जीएसटी अतिरिक्त के साथ आवंटित हुई। बताते हैं कि इस समृद्धि बाजार का किराया वसूली का काम निर्माण होने आवंटित होने के समय से लगातार एक ही व्यक्ति के जिम में हैं। इस समय कुल किराया राशि जिसे वसूला जाना है आधा करोड़ के लगभग पहुंच गई है। हम महिला उद्यमी का बहुत सम्मान करते हैं इसलिए उनका नाम नहीं लिख रहे हैं दुकान का नंबर जरूर बता रहे हैं। जिससे आपको समझ आए निगम को महिला उद्यमियों से कितनी राशि वसूलना है। दुकान नंबर 1- 55207, दुकान नंबर 3- 94968, दुकान नंबर 7-70 2934, दुकान नंबर 8- 90000, दुकान नंबर 12- 134000, दुकान नंबर 14-91000, दुकान नंबर 15-98000, दुकान नंबर 16-91000, दुकान नंबर 18- 101380, दुकान नंबर 24-86000, दुकान नंबर 25- 92000, दुकान नंबर 71- 124605, दुकान नंबर 76- 101451, दुकान नंबर 80 -96161, दुकान नंबर 82- 130205,दुकान नंबर 83-124605, दुकान नंबर 84, 91176, दुकान नंबर 85- 124605, दुकान नंबर 86- 101451, दुकान नंबर 89-134205 इस तरह यह लिस्ट सामान्य लोगों की आंखें खोल देने वाली है। प्रश्न उठता है कि नगर निगम के जिस अधिकारी को इस बाजार से किराया वसूल लेना था और न्यूनतम सुविधाएं यहां उपलब्ध करानी थी उसने अपने कर्तव्य पालन में ऐसी लापरवाही क्यों की निगम में तो खर्चा पानी लेकर बड़े बड़े कारनामे होते हैं क्या यहां भी ऐसा ही हुआ।
इन सब मामलों पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता निलेश बिसवास ने कहा कि कहा कि माननीय पूर्व मंत्री जब विकास खोजने निकले हैं तो उन्हें आवश्यक रूप से नगर निगम के उन योजना स्थल पर जाना चाहिए जो उनके कार्यकाल में बनी और सुपुर्द कर दी गई। आखिर महिला समृद्धि बाजार का बेहाल 1 या 2 साल में नहीं हुआ होगा जो किराया चढ़ा है वह 1 या 2 महीने का नजर नहीं आता निश्चित रूप से आवंटन में ही दोष है । उचित पात्र महत्वाकांक्षी महिला उद्यमियों को यदि आवंटित होती तो बाजार इस तरह कोलेप्स नहीं होता क्योंकि नेहरू नगर ऐसा क्षेत्र है जहां पर एक दुकान का डिपॉजिट राशि कई हजार रुपए हैं और किराया भी तगड़ा वसूला जाता है ऐसे में निगम का बाजार क्यों असफल हो गया विकास पुरुष को जाकर स्वयं देखना चाहिए।


