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राजनीतिक साधो देश का बंटाधार करो... आइए सांप्रदायिक तनाव को लगातार मध्यम आंच में पकाएं एलपीजी महंगी है

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समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। कोरोना काल में विश्व गुरु भारत में 84% लोगों की आमदनी घटी इसी बीच भारत में 40 नए अरबपति पैदा हुए इस तरह देश में कुल अरबपतियों की संख्या 142 हो गई। जिस जीडीपी के दम पर देश का नेतृत्व मिलियन, बिलियन, डॉलर वाली अर्थव्यवस्था का सपना दिखा रहा था। आरबीआई के अनुमान के मुताबिक अब जीडीपी 4 से 5% का रहने का अंदाज है। महंगाई दर 1% और बढ़ेगी और इस सब का लबोलोआब अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को ठहरा दिया जाएगा। भारत में इस समय विश्व की सबसे महंगी एलपीजी प्राप्त हो रही है। 40 अरबपति बढ़ गए हम शाम को घर से बाहर निकल कर ताली थाली बजा सकते हैं । ज्यादा खुश है तो मोबाइल की लाइट जला सकते हैं इस बीच पेट्रोल पर 200% टैक्स बड़ा है। डीजल पर 300%, 8 साल में बैंकिंग फ्रॉड से 5 लाख 50 हजार करोड निकाले गए बट्टे खाते में 10 लाख 86 हजार करोड़ डाला गया और एनपीए 31 लाख करोड़ हो गया इन सब बातों पर फिर से ताली बजाने को जी चाहता है । कारपोरेट टैक्स में हमने खूब छूट दी अमीर को अमीर बनाने में सरकार लगी हुई है जब से श्रीलंका की हालत खराब हुई है कुछ लोग भारत को जाग जाने कह रहे हैं। पर हम निश्चिंत रहें ऐसा नहीं होगा क्योंकि हम श्रीलंका के मुकाबले उससे और नीचे जाएंगे आमिर को और अमीर बनाने के लिए कारपोरेट टैक्स में 22 से 25% घटाया गया है और मात्र 2 साल में देश में गरीबों की संख्या 13 करोड़ 40 लाख बड़ी है। यह आंकड़ा ऑफ लेबर इकोनॉमिक्स जर्मनी का है। दक्षिण अफ्रीका के देशों को हम भुखमरी वाला देश मानते हैं जबकि ऐसा है नहीं दक्षिण अफ्रीका देश की प्रति व्यक्ति जीडीपी भारत से ढाई गुना अर्थात $5410 है। मॉरीशस की $10230 है पहले हमारे यहां सांप्रदायिक तनाव अस्थाई होता था। चुनाव के बाद समाप्त हो जाता था किंतु अब हम बड़ी अर्थव्यवस्था है शो सांप्रदायिक तनाव मध्यम आंच में लगातार पकता है और यह सामाजिक विभाजन का स्थाई भाव है । 1947 के पहले एक नेता ने भारत-पाकिस्तान करवा लिया और अब हमारे नेता हर जिले में हिंदुस्तान-पाकिस्तान बनाचुके हैं पिछले 8 साल की उपलब्धि है राजनीति साधो देश का बंटाधार करो अंतिम लाइन कच्चा तेल $111 प्रति बैरल में $5 की कमी हुई है इसी तरह डीजल में भी हुआ है। 2011-12 में हमें 75 से ₹76 लीटर पेट्रोल मिलता था तब भी कच्चा तेल $111 प्रति बैरल था ऐसे में आज भक्त नागरिकों के कारण पेट्रोल 112 पहुंच चुका है और आने वाला वक्त और खराब होने वाला है। शो इन चीजों से विमुख होने के लिए सांप्रदायिक तनाव को मध्यम आंच में रोज पकाने की अति आवश्यकता है।