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ए ए ए ने की चूककर्ता वंदना की फर्जी निलामी । संजय गुप्ता वसीम अंसारी के विरुद्ध एफ आई आर

कोरबा। ईएमआई लिया है तो चुकाना पड़ेगा की लाइन छोटे ऋणी लोगों पर लागू होती है । बड़े चूक करता इन बातों का अलग ही अर्थ निकालते हैं बैंकों ने भी ऋण वसूली का काम बाहरी सॉल्वेंसी कंपनियों को भी दे दिया है बंधक संपत्ति को यही कंपनियां बेचने का काम करती हैं इनमें से कुछ कंपनियों का ट्रैक रिकॉर्ड बेहद खराब है। ऐसी ही एक कंपनी ए ए ए इंसॉल्वेंसी प्रोफेशनल है इस कंपनी के कर्ता-धर्ता संजय गुप्ता और वसीम अंसारी छत्तीसगढ़ राज्य के एक बड़ी चूक करता वंदना विद्युत है इन कंपनियों ने 14 बैंकों से कुल मिलाकर 2000 करोड़ का लोन लिया था। वंदना की तीन इकाई बिलासपुर, कोरबा और रायपुर तनावग्रस्त अस्ति प्रबंधन के तहत नीलाम होती रहती है। ऐसा ही एक ऑप्शन 8 सितंबर 2020 को हुआ पूरा काम संजय गुप्ता व वसीम अंसारी की कंपनी ने किया ए ए ए ने सोचे समझे षड्यंत्र के तहत वंदना विद्युत की उन संपत्तियों को ऑप्शन किया जिन्हें नियमानुसार बेचा नहीं जा सकता था सीएसआईडीसी ने राजपत्र 2015 में ही यह बताया था कि भू आवंटन नियम के तहत सैड, भूखंड ,भवन ,प्रकोष्ठ का हस्तांतरण पूर्णता प्रतिबंध होगा। इस तथ्य को छुपाते हुए लिक्विडेटर संजय गुप्ता वसीम अंसारी ने नीलामी की तथा नीलामी करता जुब्लीयंट हॉस्पिटैलिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर सतीश अग्रवाल से 2 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जमा करा ली बाद में पूरी नीलामी ही फर्जी निकली पूरे मामले पर कोरबा में एजेंटों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराई गई है ए ए ए वसूली एजेंसी के छत्तीसगढ़ राज्य में ही कई कारनामे पता चलते हैं कंपनी ने वसूली एजेंसी की आड़ में धोखाधड़ी का ट्रेक रिकॉर्ड बनाया है। 

  • वंदना विधुत