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तंबाकू के कृपा से सस्ता हुआ टमाटर
- By 24hnbc --
- Monday, 10 Jan, 2022
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समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर । पाठकों को यह शीर्षक अटपटा लग रहा होगा मगर सच्चाई यही है की 50 से ₹70 किलो बिकने वाला टमाटर मात्र ₹5 किलो में दिख रहा है इसका कारण भी अजीब है दरअसल छत्तीसगढ़ का टमाटर चेन्नई बंगलुरु सहित बड़े महानगरों में जाने के कारण लोकल टमाटर की भारी किल्लत हो रही थी तथा दूसरे प्रदेश से आने वाला टमाटर यहां 50 से ₹60 प्रति किलो बिक रहा था जबकि यह मौसम ऐसा है कि टमाटर के दर 5 से ₹10 तक होना चाहिए था लेकिन उससे भी ज्यादा कीमत देकर सब्जियां आढतिया व विक्रेता छत्तीसगढ़ के टमाटर को चेन्नई बेंगलुरु नासिक सहित दूसरे बड़े शहरों में भेज रहे थे लेकिन ऐसा करने वालों ने आपदा में अवसर का लाभ उठाते हुए टमाटर के बदले सिगरेट तंबाकू गुटखा शराब शादी में ज्यादा लाभ कराने की दृष्टि से टोटल बाहर भेजना बंद कर दिया या फिर कम कर दिया और अपना सारा ध्यान सिगरेट तंबाकू गुटखा गुड़ाखू आदि होने वाले आमदनी पर लगा दिया। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ का टमाटर बहुत कम मात्रा में दूसरे महानगरों में जा पा रहा है और उत्पादन के साथ ही स्टॉक भी ज्यादा हो जाने की वजह से टमाटर ₹5 किलो तक नीचे उतर गया है। तंबाकू गुटखा शराब गुड़ाखू के दाम आसमान छूने लगे है।तंबाकू गुटखा और गुड़ाखू के शौकीन लोग किसी भी कीमत पर यह सामान खरीदने बाध्य रहते हैं जिसका लाभ कालाबाजारी करने वाले थोक व्यापारी उठा रहे हैं ।अभी प्रदेश में कहीं भी लॉकडाउन लगने जैसी कोई संभावना नहीं है फिर भी पिछले कुछ दिनों के अंदर तंबाकू गुटखा शराब गुड़ाखू सहित कई अन्य खाद्य पदार्थों की तिलक और कृत्रिम अभाव पैदा किया जाने लगा है साथ ही इन सामानों का भारी तादाद में स्टॉक जमा कर रखा जा रहा है ताकि लॉकडाउन के समय उसे मनमानी कीमतों पर बेचकर लाखों रुपए अतिरिक्त रूप से कमाया जा सके कल शनिवार को खाद विभाग की टीम ने व्यापार विहार के थोक व्यापारी के यहां दबिश दी थी।
उल्लेखनीय है कि शासन का सीधा कोई नियंत्रण नहीं होने की वजह से व्यापारी भी माल का शॉर्टेज बताकर बेखौफ बढ़े हुए दामों पर खाद्य सामग्री और पान मसाला, गुटखे, गुड़ाखू की कमी बताकर जमकर कालाबाजारी कर रहे है . हालांकि जिला प्रशासन जरूर ऐसे जमाखोरों पर नजर रखने और उन पर कार्यवाही करने की बात कह रहा है . कलेक्टर डॉ सारांश मित्तर ने स्पष्ट कहा है कि रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं, विशेषकर ग्रोसरी की व्यवस्था ऐसी बनाई जा रही है ताकि सभी को उपलब्ध रहे . उन्होंने लोगों को अफवाहों से बचने की अपील की है और कहा है कि आवश्यक जिंसों की कीमतों पर प्रशासन की नजर बनी हुई है ताकि लोग परेशान न हो और कीमतों में वृद्धि न हो . सम्पूर्ण लॉकडाउन जैसी कोई स्थिति नहीं है . जो भी पाबंदियां अभी तक लगाई गई हैं वह सिर्फ इसलिए हैं ताकि अनावश्यक भीड़ न हो और कोरोना का संक्रमण तेजी से न फैले .
दो बार के कोरोना काल में लाक डाउन के दौरान गुड़ाखू ,तंबाकू ,गुटखा ,सिगरेट और शराब समेत जरूरी खाद्य पदार्थों का अवैध संग्रहण कर वास्तविक मूल्य से कई गुना ज्यादा कीमत पर बेचकर लाखो कमा चुके आपदा को अवसर मानने वाले व्यापारी इस बार भी लाक डाउन की संभावना देखते हुए उपरोक्त सामानों का अवैध संग्रहण फिर शुरू कर दिया है और कृत्रिम संकट उत्पन्न करके ज्यादा किमतो पर बेचने का खेल शुरू कर दिया है । जाहिर है इन्ही तत्वों द्वारा लाक डाउन बहुत जल्द लगाए जाने का अफवाह भी फैलाया जा रहा है ।
कोरोना संकट , ओमीक्रान वेरिएंट की आशंका और सरकारी पाबंदियों के बीच एकबार फिर जरूरी वस्तुओ की जमाखोरी शुरू हो गई है . आपदा में फायदा कमाने की जुगत में किराना और पान-गुटखा के व्यापारी लगे हुए हैं । इसमें व्यापार विहार के थोक व्यापारी ज्यादा संलिप्त है और फुटकर व्यापारियों को ज्यादा दर पर सामान बेच रहे है ।. आवश्यक वस्तुओं के साथ पान मसाला,सिगरेट ,गुड़ाखू ,गुटखा आदि की लोगों को डेढ़ से दोगुना अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है ।. कुल मिलाकर बाजार में प्रशासन का नियंत्रण नहीं होने से जमाखोर एक बार फिर सक्रिय हो गए है ।
बिलासपुर में कोरोना संक्रमण की जांच तेजी से होने के कारण संक्रमित लोगो की संख्या एकाएक बढ़ गई है । कल ही 335 संक्रमित मिले है ।


