24hnbc
कौन है बैंकों को डुबोने वाला नेता.. .. रिफ्रेश समाचार
- By 24hnbc --
- Saturday, 01 Jan, 2022
24hnbc.com
समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। समय-समय पर देश के नागरिकों की पुरानी यादें रिफ्रेश करना जरूरी हो जाता है साथ ही इन रिफ्रेश समाचारों से हाल ही में ताजे जुड़े मतदाताओं को पुराने स्कैंप भी पता चलते हैं। और उससे उनका सामान्य ज्ञान उन नेताओं के बारे में दुरुस्त हो जाता है जो नेता आज ईमानदारी की बड़ी बातें अपने चुनाव रैली में करते हैं। 2001 में गुजरात के अहमदाबाद शहर में एक बैंक हुआ करता था जिसका नाम था मधेपुरा माकेंर्टाइल कॉपरेटिव बैंक । केतन परीख नाम के एक व्यक्ति ने 1 हजार 30 करोड़ का लोन लिया और नहीं चुकाया शिकायत हुई मामला सीबीआई के पास गया और केतन पारीख जेल गया । जेल से उसने उच्चतम न्यायालय में जमानत अर्जी लगाई प्रस्ताव दिया कि 3 साल में 380 करोड़ मात्र चुकाऊंगा जमानत दें दो, बैंक के डायरेक्टर भी हु हु करने लगे केतन परीख को इस शर्त पर जमानत मिल गई कि वह 3 साल में 380 करोड़ चूकाएगा । किंतु इसने नहीं चुकाए समय सीमा समाप्त होने पर बैंक के डायरेक्टर अमित शाह जी गुजरात के गृहमंत्री भी थे एससी में एसएलपी दायर की जुलाई 2003 में और निवेदन किया कि केतन पारीख की जमानत खारिज की जाए । अगस्त में ही इन्हीं डायरेक्टर महोदय ने फिर एक निवेदन किया कि वह अपनी पिछली एसएलपी वापस लेना चाहते हैं और इजाजत मिल गई आखिर एक माह में ऐसा क्या हो गया गुजरात के नागरिक हसमुख लाल ने इसी समय एक शिकायत की की इस पूरे मामले की जांच हो क्योंकि बैंक का पैसा तो वापस आया नहीं है केवल जमा करता परेशान नहीं अन्य 75 छोटे बैंक भी परेशान हैं जिन्होंने मधेपुरा बैंक में अपना जमा रखा था क्योंकि आरोप सीधे बैंक के डायरेक्टर पर लग रहे थे तो सीआईडी जांच हुई एडीजी स्तर के अधिकारी कुलदीप शर्मा को जांच दी गई 1 अगस्त 2005 को सुधीर बनकड़ मुख्य सचिव को रिपोर्ट सौंपी गई और इस रिपोर्ट में कहा गया कि 2 करोड़ 50 लाख का लेन देन केतन पारीख और बैंक डायरेक्टर अमित शाह के बीच हुआ यह आरोप प्राथमिक जांच में सत्य पाया जाता है । 3 पेज की इस रिपोर्ट को आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया ना ही केतन परीख जेल गए। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 2012 में मधेपुरा बैंक का लाइसेंस कैंसिल कर दिया बैंक की संपत्तियां बेचकर जमाकर्ताओं का पैसा चुकाया गया हजारों जमा करता अलग-अलग कारणों से आज भी अपने पैसे के लिए लड़ रहे हैं केतन परीख अभी भी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का बड़ा खिलाड़ी है और बैंक के डायरेक्टर उस वक्त के गुजरात गृहमंत्री थे अब देश के गृहमंत्री हैं। और उत्तर प्रदेश की चुनावी सभाओं में ईमानदारी के बड़े-बड़े व्याख्यान देते हैं।


