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दोनों कथित समितियां क्यों नहीं बताती, 19 स्कूलों का असली संचालक कौन....?
- By 24hnbc --
- Saturday, 06 Sep, 2025
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बिलासपुर, 7 सितंबर 2025।
छत्तीसगढ़ राज्य में ईसाई समाज की 19 शिक्षण संस्थाओं का असल संचालन कर्ता कौन है। यह प्रश्न बड़ा होता जा रहा है 19 स्कूल में 13 स्कूल शासन से अनुदान प्राप्त करती है। छत्तीसगढ़ डायोसिस अपंजीकृत संस्था है और कपट पूर्ण तरीके से छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजुकेशन का पंजीयन छत्तीसगढ़ में कराया गया है और इसके भीतर दो समितियों के बीच असली नकली की लड़ाई चल रही है।
हमने शासकीय दस्तावेज, पंजीयन, निलंबन, पीआईएल और डब्ल्यूपीसी को अलग-अलग और एक साथ अध्ययन किया जो तथ्य सामने आते हैं वे छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजुकेशन की कलई खोल देते हैं। संस्था के कथित पदाधिकारीयों ने समय-समय पर अपने प्रतिस्परधियों को निपटने के लिए निलंबन का सहारा लिया। इसी क्रम में बर्जेस स्कूल की प्राचार्या निशिका हंसा दास को 2015 में निलंबित किया गया था। उन्होंने अपने निलंबन को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में डब्ल्यूपीसी 759/2015 दाखिल कर निलंबन को चुनौती दी और छत्तीसगढ़ स्टेट और छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजुकेशन और जबलपुर डायोसिस एजुकेशन बोर्ड को पार्टी बनाया। जबलपुर डायोसिस के तत्कालीन पदाधिकारी नेल्सन ने जवाब दाखिल करते हुए शपथ पूर्वक कहा कि 15.03.2015 से और उसके पूर्व भी पूरे स्कूल उनके पास है और वह निलंबन को गलत मानते हुए उसे वापस लेते हैं। इस तरह डब्ल्यूपीसी निराकृत हुई और हंसा दास का निलंबन समाप्त हुआ। इसी तरह स्कूलों के चल रहे वित्तीय को कुप्रबंधन को लेकर 2016 में एक पीआईएल दाखिल की गई इसमें भी 20.10.2018 को जबलपुर डायोसिस कि स्टिंग चेयरमैन रॉबर्ट ने शपथ पत्र दाखिल किया और पूरे स्कूल अपने पास बताएं। पीआईएल में दिए गए निर्णय में एक से अधिक बार यह तथ्य आया कि समस्त शिक्षण संस्थाएं जबलपुर डायोसिस के अंतर्गत है पर इस समय छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजुकेशन के कब्जे को लेकर जिन दो समितियों के बीच विवाद रजिस्टर, न्यायालय, थाना, पीएफ और सड़क तक पर चल रहा है। स्कूल के ताले तोड़कर मनमर्जी प्राचार्य बदले जा रहे हैं पूरे प्रकरण में दोनों समितियां इस तथ्य को छुपाती है कि दोनों ही असली मालिक नहीं।


