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अपनो को बहिष्कृत कर बजरंगियों से मतांतरण के आरोप झेल रहा डायोसिस
- By 24hnbc --
- Monday, 11 Aug, 2025
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बिलासपुर, 11 अगस्त 2025।
छत्तीसगढ़ डायोसिस इस समय दोहरे संकट में फस गया है एक तरफ रोज बजरंगी मतांतरण का आरोप लगाकर जंगल से सड़क तक कहीं ना कहीं प्रार्थना सभा के माध्यम से चल रहे मतांतरण के काम पर न केवल हल्ला मचा देते हैं और पुलिस में मामला भी कायम कर देते हैं। दूसरी ओर ईसाई समाज के 10 परिवार और उनके आधा सैकड़ा सदस्य अपने ही डायोसिस के खिलाफ कलेक्टर रायपुर, राज्य मानव अधिकार आयोग, अल्पसंख्यक आयोग और थाना सिविल लाईन में आवेदन पत्र दिए हैं कि किस तरह छत्तीसगढ़ डायोसिस अपंजीकृत के अवैतनिक पदाधिकारी ने तानाशाही पूर्ण तरीकों से उन्हें चर्च से बहिष्कृत कर दिया। आज उन सभी ने मॉडरेटर दिल्ली बीके नायक को अपने एफिडेविट भेजें कहा कि डायोसिस ने भारी चर्च में 20 जुलाई 2025 को नियम विरुद्ध जाकर हमको समझ से बहिष्कृत किया है फिर 10 अगस्त 2025 को झूठ कथन किया कि हमने माफी मांगी है। इसलिए हमें वापस लिया जाए, निकाला जाना नियम विरुद्ध था और हमारी माफी की घोषणा जो हमने मांगी ही नहीं दोनों से हमारा आत्म सम्मान खत्म किया गया है एफिडेविट में मॉडरेटर से मांग की गई की अबिलंब छत्तीसगढ़ डायोसिस के मनमर्जी कर रहे पदाधिकारीयों को वापस बुलाया जाए उचित माध्यम से कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
छत्तीसगढ़ डायोसिस अपनी ही गलतियों के कारण एक के बाद एक कई मोर्चों पर विवादित हो रहा हैं। एक तरफ जिला प्रशासन से बिलासपुर रायपुर में क्रमशः मिशन अस्पताल और गौस मेमोरियल की कानूनी लड़ाई में हर उल्लेखनीय है की दोनों स्थान मसीही समाज के ऐतिहासिक धरोहर थे जो अब सरकार के कब्जे में हैं। डायोसिस के पदाधिकारीयों केखिलाफ मल्टीपल एफआईआर राज्य के विभिन्न स्थानों में दर्ज है कुछ में पदाधिकारीयों ने अग्रिम जमानत ली शेष में फरारी दर्ज है। सीडीबीई के 19 स्कूलों में अलग समस्याएं हैं। जिनकी जांच लंबित है साथ ही सीडीबीई के दो समूह के बीच असली नकली का प्रकरण भी लंबित है। इस तरह डायोसिस के पदाधिकारी जो स्वयं को एक राजनीतिक दल के नजदीक बार-बार बताते हैं को लेकर भी अब विभिन्न चर्चाएं होती है।


