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डायोसिस की बिशप और उनके साथियों के विरुद्ध एफआईआर (FIR)
- By 24hnbc --
- Tuesday, 03 Jun, 2025
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बिलासपुर, 3 जून 2025।
छत्तीसगढ़ डायोसिस कीप बिशप सुषमा कुमार के विरुद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई। इस एफआईआर में छत्तीसगढ़ डायोसिस के अवैधानिक सचिव नितिन लॉरेंस, जयदीप रॉबिंसन और दो पादरी परविंदर सिंग तथा निर्मल कुमार को भी आरोपी बनाया गया। सुषमा कुमार छत्तीसगढ़ डायोसिस अर्थात ईसाई समाज की सर्वोच्च धर्माधिकारी है, और किसी भी डायोसिस में बिशप का एक ही पद होता है सेंट थोमा चर्च मिशन कंपाउंड के पास्टर सेमसंन सेमुएल के आवेदन पर यह शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायतकर्ता ने कहा कि बिशप सुषमा अपने साथियों सहित पास्टर भवन में जबरदस्ती घुसे और 1 जून को सुबह 9:00 बजे प्रार्थना सभा में पादरी परविंदर और निर्मल कुमार, नितिन लॉरेंस, जयदीप रॉबिंसन व अन्य द्वारा प्रभु आराधना, प्रभु भोज अनुष्ठान में विघ्न डाला गया भावनाओं को ठेस पहुंचाई, धमकी दी पादरी की शिकायत पर बीएनएस की धारा 191(2), 296, 324(4),351(2) के अंतर्गत दर्ज की गई।
1 जून की घटना के पहले भी 15 मई को सेमुएल ने दिन दहाड़े नितिन लॉरेंस और उनके साथियों के द्वारा घर में घुसने लिए, ताला तोड़ने, धमकी देने की शिकायत थाने को सौंप थी। जिस पर अभी विवेचना जारी है। यदि इस समय पादरी की शिकायत पर एफआईआर हो जाती तो अपराधियोंक हिम्मत दोबारा यही घटना कारीत करने की नहीं होती। ईसाई समाज में बिशप का पद वैसा ही स्थान रखता है इस जैसा सनातन धर्म में शंकराचार्य का पद पूरे छत्तीसगढ़ में डायोसिस अपंजीकृत संस्था के पदाधिकारीयों के खिलाफ शिकायतें है। पिथौरा के एक थाने में नितिन लॉरेंस के विरुद्ध जांच चल रही है। सिविल लाईन थाना रायपुर को सीजेएम कोर्ट रायपुर में यह बताना है कि आरोपियों के खिलाफ संज्ञेय अपराध की अनुशंसा के बावजूद एफआईआर क्यों दर्ज नहीं हुआ। 15 मई तिल्दा के थोमा चर्च में घुसने के पूर्व छत्तीसगढ़ डायोसिस के पदाधिकारीयों ने बाकायदा फोटो सेशनजारी किया था। ऐसे में एफआईआर में नाम बढ़ाने की पूरी संभावना है।


