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दो पाट के बीच पीस रहे पास्टर

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बिलासपुर, 23 मई 2025।

अपने ही नहीं अन्य धर्मों के मानने वालों के लिए भी प्रार्थना कर देने वाले सुसंस्कारी और बाइबल के अनुसार जीवन जीने वाले पादरी इन दिनों थाना और कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं। दूसरी ओर एन केन प्रकारेण धर्म परिवर्तन में लगे कथित पास्टर भी पुलिस के चक्कर काट रहे हैं। इनके पीछे विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जैसे संगठनों का दबाव है। कल आशय धर्म आचरण करने वाले फादर के पीछे उन्हीं का डायोसिस मोर्चा खोले है। इस तरह एक समय अविभाजित मध्यप्रदेश में सेवा के लिए नाम कमाने वाली ईसाई संस्थाएं अब छत्तीसगढ़ बनने के बाद भाई भतीजावाद से ग्रसित होकर असामाजिक दल के रूप में पहचान बना रही है। 

पेंड्रा से लेकर पत्थर गांव तक, बिलासपुर से लेकर बस्तर तक ऐसा कई चर्च नजर नहीं आता जहां विवाद न हो, जिस चर्च के साथ स्कूल जुड़ा है वहां विवाद और अधिक है। बिलासपुर का मिशन अस्पताल भी इसी राजनीति का शिकार हुआ। सीडब्ल्यूबीएम को सक्षम हाथों से लेकर विवादित हाथों में सौंप दिया गया। उचित कानूनी लड़ाई के स्थान पर राजनीति हुई और जिला प्रशासन ने मुख्य भवन को जमीनडोज कर दिया। अच्छे भवन में अपना विस्तार कार्यालय खोल दिया। सीडब्ल्यूबीएम की वर्तमान बॉडी इस परिसर या अनियत्र एक कमरे का क्लीनिक भी नहीं चला सकती। इसके पदाधिकारी छत्तीसगढ़ में घूम-घूम कर धरना प्रदर्शन करते देखे जाते हैं।

तिल्दा थोमा चर्च के पादरी को एढाक बॉडी ने नौकरी से निलंबित कर दिया। एढाक बॉडी को यह पावर नहीं था। थोमा के चर्च में जिसे जबरदस्ती लादा जा रहा है। सूत्र बतते हैं कि वो संस्था के एक बड़े पदाधिकारी का भाई है। यही सुत्र दावा करते हैं कि पदाधिकारीयों ने अपने बेटे और रिश्तेदारों को रेवरेंट और पादरी बनाकर मोती तनख्वाह दी। आरोप तो यह भी है कि जिस संस्था के अंतर्गत चर्च का संचालन होता है वह पंजीकृत ही नहीं है। अर्थात उसे अपना खाता वही सरकार के सामने दिखने की जरूरत ही नहीं है। इस मामले की जांच भी हुई है और रिपोर्ट स्पष्ट बताती है कि किस तरह ईसाई स्कूलों का पैसा दूसरी संस्था में ट्रांसफर किया जाता है। जब कभी-भी किसी ईमानदार नगरिक ने अपने समाज के भीतर के इस विसंगति को उठाया तो उसे पहले तो बाहर किया गया फिर ना मानने पर झूठे मुकदमों तक में फसाया गया। एक 72 साल के व्यक्ति को तो छेड़खानी और बाद में भयादोहन के प्रकरण में जेल तक भिजवाया गया। जमानत पश्चात वह अभी भी अपने मुद्दों से पीछे नहीं हटता इन सब के बीच मानव सेवा और बाइबल का असल संदेश कहीं पछे छूट ग

या।