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पिथौरा में दिखा देते पॉवर ऑफ़ अटॉर्नी तो पूरा तिलिस्म ही गिर जाता
- By 24hnbc --
- Friday, 28 Mar, 2025
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बिलासपुर, 28 मार्च 2025।
जिला महासमुंद पिथौरा में छत्तीसगढ़ डायोसिस के अवैतनिक सचिव ने पत्रकार वार्ता की जब उनसे उनकी पावर ऑफ अटॉर्नी के बाबत एक पत्रकार ने सवाल किया तो उनका कहना था कि पूरे भारत के ईसाई समुदाय की अचल संपत्तियों की देख भाल की जिम्मेदारी उनकी है। और वह अभी पावर ऑफ अटॉर्नी दिखाएंगे, नहीं दिखाई होगी तभी तो दैनिक छत्तीसगढ़ के समाचार में स्पष्ट लिखा है कि उन्होंने नहीं दिखाई। छत्तीसगढ़ डायोसिस, छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजुकेशन सीएनआई, यूसीएनआईटीए आदि का संयुक्त पावर ऑफ अटॉर्नी अवैतनिक सचिव द्वारा कमिश्नर बिलासपुर, सचिव आपदा प्रबंधन और उच्च न्यायालय में लगाया गया, बिलासपुर नजूल अधिकारी एवं कमिश्नर कोर्ट ने सीएनआईटीए के पावर ऑफ अटॉर्नी को वैध नहीं माना। बॉम्बे ट्रिब्यूनल ने भी सीएनआई, यूसीएनआईटीए के अस्तित्व को नहीं माना देश की सर्वोच्च न्यायालय सुप्रीम कोर्ट ने ही सीएनआई के अस्तित्व और ईसाई समाज की विभिन्न संस्थाओं के मर्जर को अवैध व और विधि शून्य कहा है। तत्पश्चात दाखिल की गई रिट पिटीशन भी खारिज हुई। इतना ही नहीं नागपुर हाईकोर्ट के एक बेंच में भी एक रिट पीटीशन अभी लंबित है।
बिलासपुर जिला अदालत के विभिन्न न्यायालय में इन पावर ऑफ अटॉर्नी को चुनौती दी गई है। कल की पत्रकार वार्ता में सचिव महोदय ने कहां की सत्ता भाजपा की है पर कांग्रेसी भू माफिया सक्रिय है। वे भाजपा की जीत के मौकों पर स्वयं को भाजपा के बड़े नेताओं का सिपाही हुए बधाई देते हैं। नेता भोज भी करते हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ के कुशल गृहमंत्री और केंद्र के गृहमंत्री अमित शाह जिनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में गृह मंत्रालय काम कर रहा है। उसे सचिव महोदय ने आइना दिखा दिया।
कह दिया कांग्रेसी भू माफिया मजबूत है। पिथौरा में उन्होंने पत्रकार वार्ता की छत्तीसगढ़ डायोसिस का मुख्यालय रायपुर में है। और वही के सिविल थाने में सचिव महोदय के खिलाफ एक संज्ञेय अपराध का मामला लंबित हैं। जिस पर उन्होंने आज तक पत्रकार वार्ता नहीं की, सालेम स्कूल का नाम परिवर्तन हो गया पत्रकार वार्ता नहीं की, सचिव ने छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजुकेशन के काम काज पर स्टे किया पर कोई पत्रकारवार्ता हुई। रजिस्टर ने हाईकोर्ट में दाखिल पीआईएल 71/2016 के परिपेक्ष में जांच की करोड़ों रुपए का आर्थिक अनियमितता का मामला पाया गया यहां तक कि भाजपा के एनजीओ प्रकोष्ठ के बड़े नता ने फीस के पैसे का चर्च में ट्रांसफर और उसके द्वारा धर्मांतरण का काम पर मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन, गृह मंत्री छत्तीसगढ़, कलेक्टर रायपुर, कलेक्टर बिलासपुर, कलेक्टर महासमुंद आदि इन तीनों जिलों के पुलिस अधीक्षकों को इसी आशय के पत्र भी लिखें और डायोसिस के इस अवैधानिक सचिव पर गंभीर आरोप लगाए पर पत्रकार वार्ता नहीं हुई।
असल में डायोसिस छत्तीसगढ़ और सीएनआई दिल्ली इन दिनों अपनी पहचान को लेकर संकट में है। और राजस्थान व्यावर, मध्यपदेश जबलपुर के साथ छत्तीसगढ़ में भी संस्था और उसके पदाधिकारी जितनी देर चर्च में नहीं होते उससे ज्यादा समय कोर्ट में रहते हैं। चर्च में प्रभु के संदेश के स्थान पर कोर्ट की आगामी तिथि के नोटिस लगे दिखते हैं सार पदाधिकारी जिन तौर तरीकों से काबिज हो गए हैं उन्हें लेकर व्यापक संशय है।


