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उन्हें जगत सेठ बनाने, विश्व गुरु हमारी जैव विभिन्नता लूट रहे हैं
- By 24hnbc --
- Saturday, 04 Jan, 2025
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बिलासपुर, 5 जनवरी 2025।
जैसे की उम्मीद थी उड़ीसा और छत्तीसगढ़ राज्य में भारतीय जनता पार्टी डबल इंजन की सरकार आते ही खनिज लूट सेठ के लिए शुरू हो गई है। इस लूट से सनातन संस्कृति खतरे में है। उड़ीसा का गधंमर्दन पर्वत जो राजधानी भुवनेश्वर से 461 किलोमीटर दूर स्थित है। यह पर्वत जैव विविधता से भरपूर है। पर्वत की ऊंचाई 2000 कहीं कहीं 3000 फीट तक है। विशेषता यह है कि पर्वत की चोटी समतल है लंबाई 16 किलोमीटर चौड़ाई 1 किलोमीटर है। पूरी पर्वत श्रृंखला जंगल से आच्छादित है। जंगल है तो वन्य जीव भी हैं सांभर, हिरण, बाघ, हाथी सब कुछ है। औषधि पेड़ों की लगभग 200 प्रजातियां हैं, 22 जल निकाय हैं। इन्हीं में से अंग और सुकेल नदी निकलती है, जो बाद में महानदी से मिलती है।
अब हम चर्चा करें छत्तीसगढ़ हसदेव अरण्य कि यहां के जंगल मैं लगभग 203 करोड़ टन कोयला है। अरण्य 1876 किलोमीटर फैला है। तीन राज्यों की सीमा को छूता है, 2010 में पर्यावरण मंत्रालय की सलाहकार समिति ने सिफारिश की थी कि यहां से कोयला खनन नहीं किया जाए और इस क्षेत्र में पड़ने वाले 23 कोयला ब्लॉक को नो गो जोन घोषित किया था पर केंद्र में विश्व गुरु का शासन आते ही सब कुछ धरा रह गया जिस सनातन संस्कृति का डंका पीट कर वे सत्ता में आए उसी की बर्बादी कर रहे हैं। पेड़ जिन्हें देवता माना जाता है रोज काटा जा रहा है। पूरी वसुंधरा को कुटुंबकम बताने वाली संस्कृति के कथित रक्षक सैकड़ो प्रजाति के जीवों को नष्ट कर रहे हैं। 2022 में छत्तीसगढ़ विधानसभा ने सर्व सहमति से खनन नहीं करने का प्रस्ताव पारित किया पर अब सत्ता में आते ही भाजपा के देव अपने वचन को भूल गए। सीएम का पूरा नाम विष्णु देव है। हसदेव क्षेत्र में आज भी सैकड़ो आदिवासी जंगल काटने के विरोध में आंदोलन रत है। सरकार, एनजीटी जितने पेड़ काटने की अनुमति देता है उसे 10 गुना ज्यादा पेड़ काट दिए जाते हैं। अदानी का साम्राज्य पूरे हसदेव में कब्जा कर चुका है। इसी तरह उड़ीसा में गंध मर्दन पर्वत जिसे 1975 में भारत अल्युमिनियम कंपनी जो कोरबा में स्थापित हुई थी उसके लिए खनन के लिए अनुमति नहीं मिली तब नागरिक, समाज, पर्यावरण विद सभी एकजुट होकर इस पहाड़ को बचाने में कामयाब हुए थे। पर इस बार डबल इंजन जगत सेठ के लिए बॉक्साइट की लूट वह भी विदेश में बेचने के लिए करा कर रहेगा। जगत सेठ ने बलांगीर जिले में बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी हैं डबल इंजन ने बरगढ़ जिले में सिल्ट ब्लॉक के तहत 23 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया है। जगत सेठ ने पटनागढ़ तहसील में 33 एकड़, बालू पुरी गांव में 61 एकड़, भैंस सर्कल में 43 एकड़ जमीन खरीदे जली है इन्हीं क्षेत्रों में ग्रेफाइट और मैंगनीज है। गंधमर्दन पर्वत में आयुर्वेदिक औषधि वाले पौधे खनिज के कारण नष्ट हो जाएंगे और सनातन संस्कृति के कथित रक्षक मां धनवंतरि की जयंती मानते रहेंगे।
डबल इंजन अर्थात डबल लूट अब तो हाथी के दांत खाने के और दिखाने की और वाली बात भी नहीं रही खुले आम समाज को 80-20 में बाटकर मंदिर मस्जिद की राजनीति में फंसा कर जल, जंगल और जमीन लूटी जा रही है और यह लुटेरे कहीं बाहर से नहीं आए हैं हमने ही ईव्हीएम के जरिए इन्हें चुन लिया है।


