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प्रशासन के आला अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीर

मसीह समाज का फूटा लेटर बम

24hnbc.com
बिलासपुर, 20 नवंबर 2024। 
ईसाई समाज की संपत्तियों पर जिला प्रशासन के आदेशों के बाद पीएमओ कार्यालय से आई एक चिट्ठी ने जिला प्रशासन के साथ नेताओं के माथे पर भी चिंता की लकीर खींच दी, हालांकि यही माना जाएगा की भाजपा की वाशिंग मशीन को नया काम मिल गया है।
संयुक्त मिशन समाज के शीर्षक को उपयोग कर के एक बहुचर्चित नाम से यह चिट्ठी लिखी गई है। चिट्ठी लिखने वाले ने स्वयं के नाम को गुप्त रखने की गुजारिश के साथ जांच की मांग की है। आत: हम भी चिट्ठी लिखने वाले के नाम का खुलासा नहीं कर रहे। हम छत्तीसगढ़ के उस उपमुख्यमंत्री के नाम का भी खुलासा नहीं कर रहे जिसके नाम को शिकायतकर्ता ने मसीह समाज की संपत्तियों को भू माफियाओं के साथ मिलकर बाजार में उतारने का आरोप लगाया। जब से जिला प्रशासन से पीएमओ का चिट्ठी मिला है तभी से उन अधिकारियों ने मिशन की संपत्तियों पर चुप्पी साध ली जो कल तक चक चक कर इस पर बोला करते थे। 
हालांकि बिलासपुर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार ने मिशन अस्पताल की जमीन पर व्यापारिक योजनाओं का जैसा खुलासा किया है उसे पर ईसाई समाज के भीतर शीघ्र नकारात्मक प्रतिक्रिया हुई है। पीएमओ को लिखी गई चिट्ठी में यह भी बताया गया है कि जिले में बतौर मतदाता मसीह समाज इतनी बड़ी ताकत है और उसका भाजपा से कैसा व्यवहार रहा है। जिला प्रशासन के कई अधिकारियों ने पूरी कोशिश की है कि इस चिट्ठी की खबर मीडिया को न लग पाए जबकि लीज निरस्तीकरण के आदेश को एक प्रशासनिक अधिकारी ने ही विशेष पावर को उपलब्ध कराया था। मिशन संपत्तियों के सोनामधन्य पदाधिकारी एक दूसरे को इन दोनों संदेह की नजरों से देखते हैं। 
लेटर बम के बाद प्रशासनिक निर्णय के पीछे के राजनीतिक समीकरणों का खोज होना प्रारंभ हो जाएगी जिस तरह चिट्ठी में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री के सहयोगियों के नाम का खुलासा है उसे तो शेफर्ड स्कूल, मिशन अस्पताल, हिंदू चौक स्थित एश्ले बांग्ला सब के निर्णय संदेह पैदा करते हैं। 
(अगले किस्त में हम बीडीए के एक पूर्व अधिकारी दामाद आईएएस, आईएएस की दोस्ती और ओशो बिल्डर और विधि विशेषज्ञ के षट्कोण का खुलासा करेंगे।)