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समय पर होती कार्यवाही तो ना होती इतनी बड़ी त्रासदी
- By 24hnbc --
- Sunday, 09 May, 2021
24 HNBC. बिलासपुर
बिलासपुर । बिलासपुर मे उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश की चिकित्सक पैथी टू पैथी इलाज करेंगे का पालन नहीं होता है यही कारण है कि एक संदिग्ध होम्योपैथिक चिकित्सक शाखा राम 11से अधिक लोगों को मौत के मुंह में धकेल दिया। हमारी जानकारी पर ही सीपत पुलिस ने यह माना कि उनके रिकॉर्ड में दर्ज वासु क्लीनिक चलाने वाला शाखा राम ही था। इस शाखा राम के खिलाफ सीपत थाने में दो नाबालिग लड़कियों के गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज है । प्रकरण दर्ज होने के बाद उस क्षेत्र से शाखा राम फरार हो गया 2018 में ही शाखा राम ने बिलासपुर मगरपारा रोड स्थित कृष्णा इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस किम्स में नौकरी की शाखा राम ने स्वयं को अपने क्लीनिक की दीवार पर किम्स का रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर होना भी लिखा है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि यह व्यक्ति हमारे यहां फिजीशियन अटेंडर के रूप में काम करता था। वह भी 12 माह से कम।

शाखा राम कोरमी में नियम विपरीत तरीके से क्लीनिक संचालित कर रहा था छत्तीसगढ़ से प्रसारित एक प्रतिष्ठित हिंदी न्यूज़ चैनल ने इसके क्लीनिक की खबर भी चलाई थी और डॉक्टर का पूरा इंटरव्यू भी समाचार के साथ प्रसारित हुआ था उस समय ही यदि स्वास्थ्य विभाग ने कार्यवाही की होती तो शाखा राम का क्लीनिक सील होता और कोरमी सहित आसपास के क्षेत्र के लोगों की जान बच जाती इसी प्रकार यदि पुलिस का मुखबीर तंत्र मजबूत होता तो गैर इरादतन हत्या का आरोपी औद्योगिक क्षेत्र में फिर से क्लीनिक संचालित कर रहा है यह बात थाने तक जरूर पहुंचती और शाखा राम वासु क्लिनिक वाला जेल के सलाखों के पीछे होता है।
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