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ईसाई संगठनों ने अपने पर बढ़ रहे हमलों पर जताई चिंता

छत्तीसगढ़ में बंद रहा मिला-जुला

24hnbc.com 
बिलासपुर, 24 दिसंबर 2025। 
क्रिसमस के ठीक 1 दिन पहले छत्तीसगढ़ बंद का आवाहन सर्व समाज ने किया। छत्तीसगढ़ के 39 व्यापारिक संगठनों ने इसका समर्थन किया के बावजूद बंद का असर मिला-जुला रहा। दुकानदारों ने इतिहातन आधे सटर उठाकर रखे थे। पर बंद के कारण फुटपाथ व्यापारी गायब थे। दोपहर 2:00 बजे के बाद अधिकतर दुकानें खुल गई पर मामला इससे कहीं संवेदनशील है। इसी संगठन द कैथोलिक बिशप ऑफ़ इंडिया सीबीसीआई ने आगामी क्रिसमस के मध्य नजर विभिन्न राज्यों में ईसाई समुदाय को निशाना बनाने और उन पर कथित हमले में चिंताजनक वृद्धि की निंदा की और कहा कि इससे भारत के संविधान में निहित धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को नुकसान होता है। 
बिलासपुर, जबलपुर में सांताक्लास बने लोगों पर हमले हुए और हिंदू संगठनों ने व्यापारिक प्रतिष्ठानों से क्रिसमस कार्यक्रम आयोजित न करने कहा। भारत की कुल जनसंख्या के मात्र 2.3% ईसाई हैं। पिछले कई दशकों से भारत की आबादी में इसका हिस्सा लगभग यही है फिर धर्मांतरण से ईसाइयों की जनसंख्या में विस्फोटक बढ़ोतरी का खतरा क्यों सबको वास्तविक जान पड़ता है। ईसाइयों की वृद्धि पर पिछली जनगणना के मुताबिक 22% से घटकर 15% रह गई फिर भी ईसाई हिंदुओं के लिए खतरा बन गए हैं। ईसाइयों ने स्कूल बनाएं, अस्पताल बनाएं, कुष्ठ रोगियों का इलाज किया उनके स्कूलों से निकलने वाले लाखों हिंदू बच्चे आज चुप हैं....? क्या ईसाई भारत के लोग नहीं हैं सीबीसीआई ने क्रिसमस पर्व के दौरान ईसाई पर बढ़ रही हमले की घटना पर दुख व्यक्त किया। 
छत्तीसगढ़ में किसी भी स्कूल में कोई छात्र सांताक्लाज बनकर नहीं आएगा क्या ऐसा बयान जारी करने वाले बजरंग दल को यह नहीं पता कि अभी स्कूल में छुट्टी चल रही है स्कूलों में हर त्यौहार मना कर छात्रों के बीच भारत की मिली जुली संस्कृति का जो संदेश दिया जाता है उसके खत्म करने का प्रयास हो रहा है। छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव ने ऐसे स्वयंभू नेता के ऊपर कड़ी कार्यवाही की मांग की है। सीडीबीई के पदाधिकारी ने कहां है कि क्रिसमस केवल एक धर्म का नहीं बल्कि आपसी सौहार्द्र और सांस्कृतिक उत्सव का प्रतीक है। 
मसीही समाज के भीतर तो दिवाली, होली, ईद, गुरु पर्व सब मनाया जाता है। आज बंद के दौरान रैली में हिंदुओं के ऊपर अत्याचार बंद करो के नारे लग रहे थे उससे लगता है कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार स्वयं विरोधाभास से गिर गई। कांग्रेस शासन के दौरान भाजपा स्वयं धर्मांतरण का आरोप लगाती थी अब भाजपा का शासन है तो विहीप और बजरंग दल धर्मांतरण का आरोप लगा रही है। यह बीजेपी का दोहरा चरित्र है और राजनीतिक लाभ के लिए उठाया जा रहा है।