बिलासपुर से दिल्ली तक प्रदूषण एक समान है
बुनियादी मानव अधिकार की आवाज उठाने पर जेल भेज देती है सरकार
- By 24hnbc --
- Monday, 10 Nov, 2025
24hnbc.com
बिलासपुर, 11 नवंबर 2025।
देश के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा स्वच्छ हवा का अधिकार एक बुनियादी मानव अधिकार है। शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का अधिकार हमारे संविधान द्वारा सुनिश्चित किया गया है। स्वच्छ हवा मांगने वालों को सरकार जेल भेज देती है स्वच्छ हवा मांगने वालों के साथ सरकार अपराधियों जैसा व्यवहार क्यों करती है।
बिलासपुर में भी शुद्ध वायु का न मिलाना एक बड़ी समस्या है। शहर से कुछ पास में एनटीपीसी का बड़ा बिजली कारखाना है उसमें प्रभावित गांवों के नागरिक राखड़ वाली हवा से हमेशा परेशान रहते हैं। हालत यह होती है कि शाम कोई अपने आंगन में नहीं बैठ सकता, फासले प्रभावित होती है और नागरिकों को कुछ हजार रुपए मात्रा क्षतिपूर्ति मिलती है। शहर के आसपास लगातार कोयला धोने की यूनिट उद्योग के नाम पर डल रही है। किसी भी कोलवासरी के आसपास घूम लीजिए प्रदूषण की वास्तविकता से सामना हो जाएगा।
अभी हाल ही में छत्तीसगढ़ के राजनीतिक नक्शे पर बलौदा बाजार नया जिला बना है 7 सीमेंट कारखाने वाला यह जिला कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन, सल्फर डाइऑक्साइड जैसी जहरीली गैस का चैंबर बन गया। आदिकालीन टेक्निक वाली आयरन इंडस्ट्री खुली जिसमें जमकर प्रदूषण फैलाने की तकनीक लगी है। एक समय त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉक्टर को कोई पूछता नहीं था, आज किसी भी स्किन डॉक्टर के पास चले जाइए नागरिक अपने सौंदर्य समस्या नहीं त्वचा रोग को लेकर परेशान हैं। शहर से लेकर ग्रामीण नागरिक तक उनकी क्लीनिक में देखे जा सकते हैं और आप ने जब कभी भी स्वच्छ हवा के लिए आंदोलन किया आप शहरी नक्सली करार दिए जा सकते हैं।
मोदी के लोकतंत्र में नौकरी मांगना, फसल का उचित दाम मांगना, स्वच्छ जल, हवा मांगना सब आपको शहरी नक्सली राष्ट्रद्रोही घोषित कर देता है। हमने मात्र 10 साल में कैसे धर्म की अफीम चटी की हम अपने बुनियादी अधिकारों से भी हाथ धो बैठे हैं। अब तो अधिकार मांगना देशद्रोही की परिभाषा हो गई।


