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बिजली बिल के लिए सात करोड़ की गारंटी जप्त

उपभोक्ताओं से बिजली बिल की रकम वसूली में नाकाम रहने वाली ठेका कंपनी से आखिरकार वसूली की कार्रवाई हुई। बिजली कंपनी ने ठेका के वक्त जमा बैंक गारंटी को भुना लिया है। ये राशि करीब सात करोड़ रुपये है। बिजली कंपनी को बतौर जुर्माना लगभग 40 करोड़ रुपये वसूलना था लेकिन कंपनी ये रकम अदा करने में आनाकानी कर रही थी। इधर बिजली अधिकारी भी मामले पर गंभीर नहीं थे। लिहाजा कोरोना संक्रमण में आर्थिक तंगी से जूझ रही बिजली कंपनी ने जब अफसरों पर सख्ती की तो वसूली तेज हुई।जून 2017 में जबलपुर ग्रामीण और कटनी ग्रामीण में पूर्व क्षेत्र कंपनी ने मीटर रीडिंग, बिजली बिल बांटना और वसूली करने का काम ठेके पर दिया था। फेडको ने ये काम लिया। तय शर्त में बताया गया कि मौजूदा वसूली से ज्यादा वसूली करने पर ठेका कंपनी को पुरस्कार दिया जाएगा। कंपनी ने शर्त के अनुसार मौजूदा राशि के बराबर भी वसूली नहीं की। कई जगह शिकायत हुईं। ऐसे में कटनी और जबलपुर ग्रामीण के अधीक्षण यंत्री ने ठेका 2018 में निरस्त कर दिया। जबकि ठेका अवधि तीन वर्ष थी लेकिन समय से पहले ही काम बंद करवा दिया गया। बताया गया है कि दोनों ही जिलों से ठेका कंपनी का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं होने के कारण जुर्माना लगाया गया। कटनी ग्रामीण से करीब 28 करोड़ और जबलपुर ग्रामीण से करीब 13 करोड़ के ऊपर जुर्माना लगाया गया। विभाग की तरफ से नोटिस देकर मामले में नरम रूख रखा गया। अब बिजली कंपनी हर तरफ से राजस्व जुटाने का दबाव अफसरों पर बना रही है ऐसे में ब.डे बकायादार फेडकों पर भी वसूली की कार्रवाई के लिए कहा गया। जिसके बाद हाल ही में बिजली कंपनी बैंक गारंटी तोड़कर राशि ली।