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रेकी एवं ज्योतिष के लिए श्रेष्ठ परामर्श केंद्र है श्री शंकर संस्थान

मानव इस धरा का श्रेष्ठ जीव है ऐसा उसे लगता है किंतु जैसे-जैसे वह प्रकृति से दूर होता गया वैसे-वैसे ईश्वर की यह श्रेष्ठ कृति परेशानियों से घिरती चली गई । प्रकृति से दूर होते जाना इसका एक बड़ा कारण है। जैसे-जैसे विज्ञान ने तरक्की की वैसे-वैसे शारीरिक बीमारियों ने भी स्वरूप बदला यही कारण है कि आज मानव देह कैंसर, अस्थमा, ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, छह रोग जैसी कठिन बीमारियों से ग्रस्त है । तो जनसाधारण में मोटापा वबासीर, गटिया, साइटिका जैसे रोग आम हो गए हैं। यहां तक की लग्जरी लाइफ के साथ अनिद्रा भी रोग का स्वरूप ले चुका है। जिसके जीवन में तमाम भौतिक सुविधाएं हैं उसे मानसिक रोगों ने परेशान कर रखा है। जिसके पास सब कुछ है उसे केस के साथ आंखों की बीमारी भी हो जाती है। कुछ नहीं तो आंख के नीचे पढ़ने वाली झाई भी लोगों के जीवन में बड़ी उथल-पुथल मचा देती है। हर रोग की चिकित्सा यदि एलोपैथी में ढूंढने जाएं तो यह संभव नहीं है । शरीर के साथ कुछ समस्याएं तो जीवन शैली के कारण आ जाती है , इसलिए ऐसा माना जाता है कि मानव शरीर की रचना परमपिता परमात्मा ने की है तो उसकी समस्याओं का निदान भी परमपिता परमात्मा ने दीया भी है ईश्वर ने मानव शरीर के भीतर ही एक ऐसी संरचना बना दी है कि वह अपनी बीमारियों से स्वयं लड़ सकता है। किंतु बाजारवाद के कारण दवाएं बाहर से करा करता है, और यह बाहर से शरीर के भीतर डाली गई दवा रोगी को दवा तो देती है किंतु उसे हल नहीं करती और यही दबी हुई बीमारी बाद में बड़ी समस्या बनकर उभरती है । रेकी पद्धति भारत की प्राचीन परंपरा है यही परंपरा ईशा मशीह, गौतम बुद्ध, गुरु नानक, साईं बाबा भी उपयोग करते थे तभी तो इनके हाथ और उंगलियों के स्पर्श मात्र से मानव शरीर अपनी दुख और व्याधि से मुक्ति पा जाता था। समय के साथ इस पद्धति को बुलाया जाने लगा किंतु कुछ लोगों ने इस शास्त्र को दोबारा समझा और आधुनिक परिवेश में इसका उपयोग कैसे जनहित में हो इसके लिए अपना जीवन अर्पित किया। डॉ थनेश्वर प्रसाद शर्मा ऐसे ही लोगों में हैं उन्होंने विधि में स्नातक डिग्री प्राप्त की किंतु उसे अपना पेशा नहीं बनाया । उन्होंने ज्योतिष, रेकी, रत्न, हस्तरेखा सामुद्रिक शास्त्र जैसी विधा में विशेषज्ञता हासिल की और पीएचडी तथा डी.लिट जैसे उपाधियां प्राप्त करके अपने ज्ञान को मानव सेवा में लगाया। कुछ ही दिनों में डॉ शर्मा का श्री शंकर रेकी एवं ज्योतिष परामर्श केंद्र लोकप्रिय हो गया वे पूरे मनोयोग से मानव सेवा में ईश्वर को साक्षी मानकर लगे हैं। उनका मानना है कि शरीर से रोग निकालना ईश्वर की कृपा दृष्टि है। और रेकी इसका सशक्त माध्यम है।

संपर्क :- श्री शंकर रेकी एवं ज्योतिष परामर्श केंद्र गणेश चौक नेहरू नगर बिलासपुर छ. ग.

पूर्व से समय निर्धारित करने के लिए 7000 400 774 तथा 70674 18 427 पर संपर्क किया जा सकता है।