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राहुल की गिरफ्तारी के बाद आंदोलन और हुआ तेज
- By 24hnbc --
- Tuesday, 06 Oct, 2026
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बिलासपुर, 7 अक्टूबर 2026।
देश के एल ओ पी ने जिस तरह 6 अक्टूबर को दिल्ली आकाशवाणी भवन में धरना दिया इससे सीधा संकेत मिलता है कि उन्होंने सरकारी मीडिया को बता दिया कि लोकतंत्र में सत्ता और विपक्ष दोनों की आवाज होती है। आखिरकार देर रात 8:00 बजे दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और धरने पर बैठे अन्य सांसद, नेताओं को हिरासत में लिया। जिसके बाद जिस थाने में उन्हें बैठाया गया वहां देश के बड़े वकीलों से लेकर सिविल सोसाइटी, पूर्व आईएएस अधिकारी आने लगे। यदि रात 10:00 बजे यदि पुलिस ने उन्हें छोड़ ना होता तो सुबह तक दिल्ली का नजारा कुछ और होता। विपक्षी दलों के लोकतंत्र बचाओ आंदोलन का सबसे बड़ा प्रभाव मोदी के सेवा संकल्प अभियान पर पड़ा है वहां तो रंग में भंग पड़ गई। अब विपक्षी दलों का यह आंदोलन राजधानी से निकलकर पूरे देश के जिला मुख्यालयों से होते हुए ग्राम पंचायतों के बैठकों तक पहुंच गया है। केंद्रीय चुनाव आयोग के बचाव में आकर भाजपा ने यह सिद्ध कर लिया कि असल में केचुआ और भाजपा एक ही है।
बिलासपुर के कांग्रेस भवन में 6 अक्टूबर को लोकतंत्र बचाओ के मसले पर संयुक्त विपक्षी दलों की बैठक हुई और संयुक्त रणनीति के तहत आज 12:00 बजे एक पत्रकार वार्ता भी रखी गई है जिसमें यह बताया जाएगा कि पूरे महीने या जब तक मुख्य चुनाव अभियुक्त इस्तीफा नहीं देते तो चरणबद्ध आंदोलन किस तरह चलाया जाएगा।

