24hnbc
यात्री ट्रेन बंद रखना नागरिकों के विरुद्ध बड़ा षड्यंत्र.... एनसीपी प्रदेश प्रवक्ता
- By 24hnbc --
- Thursday, 01 Sep, 2022
24hnbc.com
समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। उद्योगों का पहिया घूमता रहे और आम हिंदुस्तानी को यात्रा के समुचित विकल्प मिले इन दो महत्वपूर्ण मुद्दों के बीच संतुलन बनाने में केंद्र सरकार के रेल मंत्री, कोयला मंत्री और उद्योग मंत्री पूरी तरह असफल रहे हैं। कई बार तो ऐसा लगता है कि भारतीय जनता पार्टी की असफलताओं का जिक्र स्लीपर क्लास में सफर करने वाला आम व्यक्ति ना कर सके की भावना के चलते जानबूझकर यात्री गाड़ियों का परिचालन बंद किया जा रहा है। यात्री गाड़ियों का परिचालन बंद करने के पीछे एक बड़ा कारण यह भी है की रेल मंत्रालय बड़े रेलवे स्टेशनों को बेचना चाहते हैं और बिक्री पूर्व रेलवे स्टेशनों की बैलेंस शीट को इतना नीचे ले जाना चाहते हैं कि जितना चुनिंदा खरीदार ने अपने आका को बता रखा है। रेलवे बोर्ड, जोन के अधिकारी और मंत्रियों के खिलाफ एनसीपी के प्रदेश प्रवक्ता नीलेश बिश्वास ने पीके और तथ्यात्मक आरोप लगाए। उन्होंने याद दिलाया कि भारतीय रेल का एसईसीआर जोन मुख्यालय बिलासपुर में दया स्वरूप नहीं मिला है इनके लिए शहर के नागरिकों ने लंबा संघर्ष किया। जेल गए और अपना हक लिया....
पिछले कुछ साल से केंद्रीय मंत्रियों के इशारे पर रेलवे के कुछ अधिकारी षडयंत्र पूर्वक बिलासपुर जोन की महत्वता घटाने का लगातार प्रयास कर रहे हैं। इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी का कोई भी जनप्रतिनिधि, निर्वाचित जनप्रतिनिधि अपना मुंह नहीं खुलता ऐसा लगता है कि वह अपने दिल्ली के आका से पूछ कर ही जनवादी मुद्दों पर बोलते हैं और आधा सैकड़ा से ज्यादा यात्री ट्रेनें रद्द है दूसरी ओर जो ट्रेन चलती है उसके पूर्व स्टेशन बंद कर दिए गए हैं जिससे छोटे स्टेशनों के हजारों परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हुई है। एनसीपी इन सब मुद्दों पर आम नागरिकों के हस्ताक्षर युक्त विरोध पत्र एकत्र करके रेल मंत्रालय को भेजेगी। एनसीपी के प्रदेश प्रवक्ता श्री बिश्वास ने यह भी कहा कि जब रेलवे स्टेशनों को निजी क्षेत्र को बेचना ही है तो सरकारी धन से जो कि वास्तविक रुप से जनता के टैक्स का पैसा है को लगाकर सुविधा एकत्र क्यों की जा रही है, जबकि इन सुविधाओं पर उन कंपनियों का पैसा लगना चाहिए जो कंपनियां रेलवे स्टेशनों को खरीदना चाहती है। जनता के तवे पर निजी कंपनी के लिए रोटियां सेक कर रेल मंत्रालय के अधिकारी अपने देश की सेवा ना करके उसके साथ धोखा कर रहे हैं।


