24hnbc
आईटी का छापा और भाजपा कांग्रेस की जुगलबंदी
- By 24hnbc --
- Tuesday, 05 Jul, 2022
24hnbc.com
समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। 30 जून को छत्तीसगढ़ के आधा दर्जन शहरों में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की टीम ने छापा मारा तब आम लोगों को ऐसा लगता था की बड़ी मात्रा में नगद धनराशि मिलेगी पर ऐसा नहीं हुआ। 4 जुलाई को डिपार्टमेंट ऑफ रेवेन्यू सीबीडीटी के अधिकृत स्पोक मैन सुरभि आहलूवालिया के हस्ताक्षर से जो प्रेस नोट जारी हुआ उसमें मात्र 9.5 करोड़ नगद और 4.5 करोड़ की ज्वेलरी मिली बताई गई। आम नागरिक बोलचाल की भाषा में कहते हैं कि यदि इतनी ही राशि से संतुष्टि हुई थी तो बिलासपुर में एक टिकट के दावेदार डॉक्टर के यहां छापा मार लिया होता इससे ज्यादा नगद धनराशि प्राप्त हो जाती राजनीति के जानकार बताते हैं वर्ष 2003 के बाद से छत्तीसगढ़ राज्य में पहले भाजपा-कांग्रेस, कांग्रेस- भाजपा के बीच जो मिली जुली गंगा जमुना तहजीब चल रही है उसे से सर्वाधिक नुकसान राज्य का हुआ है और इसी का परिणाम है जब कभी भी कोई जांच एजेंसी छापा मारती है तो उसके हाथ कुछ भी नहीं लगता वर्ष 2020 में जब केंद्रीय एजेंसियों ने रायपुर में छापा मारा था सबके प्रेस रिलीज में जो नगद धनराशि पकड़ी बताई गई है वह इस प्रेस रिलीज धनराशि से 10 गुनी ज्यादा थी जब 3 साल में महंगाई डबल डिजिट में है जीएसटी कलेक्शन सर्वाधिक है तब पकड़ी गई धनराशि इतनी कम कैसे हो गई यह बेहद जरूरी प्रश्न है छापा पड़ने के तुरंत बाद आदतन भाजपाई नेता जिस तरह से बयान बाजी करने के आदि हैं उन्होंने चुप्पी पकड़ ली थी छापे के बाद जैसी प्रतिक्रिया 2020 में कांग्रेसी नेताओं ने दिखाई थी वैसे इस बार नहीं दिखी कहने का अर्थ यह है की परिणाम दोनों को पता था यही तो मिली-जुली संस्कृति है जिससे सर्वाधिक नुकसान राज्य का हो रहा है विश्वसनीय सूत्र बताते हैं की छापे के 1 दिन पूर्व बैंगलोर की एक होटल में एक यात्री से बहुत बड़ी मात्रा में नगद जप्ती हुई थी उसी के बाद छापे की योजना में काम किया गया यह तथ्य नाम बदलकर कुछ अंग्रेजी अखबारों में प्रकाशित हुआ है तथ्य यह है कि जो यात्री पकड़ा गया था वह व्यापारी का भाई नहीं था व्यापारी भी नहीं था पकड़ा गया शक्स शासकीय नौकरी कर रहे अधिकारी का रिश्तेदार था यह समझ आता है की कत्यात्मक रिपोर्टिंग नहीं हुई खबर नविसो ने या तो दबाव में अपनी रिपोर्ट बदली या फिर किसी अन्य कारणों से कुल मिलाकर नागरिकों को सही चीज नहीं बतलाई गई।


