No icon

24hnbc

47 दिन हो गए अरुण पन्नालाल जेल में है

24hnbc.com
बिलासपुर, 23 सितंबर 2026। 
छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्नालाल 5 अगस्त से रायपुर जेल में है उनकी उम्र 70 पर है। आरोप सोशल मीडिया में देवी देवताओं पर आलोचनात्मक टिप्पणियां पुलिस उन्हें घर से उठाकर ले गई। 70 साल का आदमी समाज की शांति व्यवस्था के लिए खतरनाक हो सकता है और समाज की शांति को जिन लोगों ने सड़क पर बवाल मचाकर खतरे में डाल वे आराम से फरार घूमते हैं। यहां हम किसी का नाम नहीं लेना चाहते पर यह स्पष्ट है कि पढ़ा लिखा बौद्धिक आदमी आसानी से निशाना बनाता है और जेल जाता है। उचक्के, बदमाश सड़क पर बवाल करके आसानी से फरार हो जाते हैं। सवाल छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम का है क्या पन्नालाल ने जो फोरम खड़ा किया उसमें सदस्य है ही नहीं पदाधिकारी नहीं है या पदाधिकारी है तो अरुण पन्नालाल के जेल जाते ही अन्य को पता चल गया कि अब नंबर उनका है वे अपने-अपने घर बैठ गए। कुछ महीने पहले दो नान गिरफ्तार हुई थी मामला रोमन कैथोलिक का था। दक्षिण से लेकर पूर्वोत्तर तक राजनीतिक गरमा गई थी। छत्तीसगढ़ सरकार को दिक्कतें हुई थी जमानत तो हुई ही एनआईए कोर्ट बिलासपुर से हो गई उच्च न्यायालय तक भी नहीं जाना पड़ा। पर अरुण पन्नालाल के मामले में रायपुर से लेकर दिल्ली तक खामोशी है। वे कहते थे उनके दो लाख फॉलोअर हैं 2000 छोड़िए 200 भी नहीं दिखे। क्या क्रिश्चियन समाज का यह विंग अपना अस्तित्व खो चुका है या प्रासंगिकता खो चुका है। 
छत्तीसगढ़ डायोसिस में अपनी लड़ाइयां है उस सब्द्ध छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजूकेशन पंजीकृत में दर्जनों कानूनी विवाद हैं चुनाव दर चुनाव किसी भी चुनाव की वैधानिकता सिद्ध नहीं हो रही है। यहां याद रखा जाए कि अभी 5 दिन पहले ही उत्तर प्रदेश के एक ट्रिब्यूनल ने लखनऊ डायोसिस पर प्रशासनिक अधिकारी बैठाल दिया क्या छत्तीसगढ़ में भी कुछ ऐसा ही होने वाला है। हर 10 दिन में धर्मांतरण का एक न एक मामला सुनाई दे जाता है और एफआईआर भी हो जाती है क्या अपने धर्म का प्रचार अन्य धर्म को नीचे दिखाएं बगैर क्या प्रचार नहीं हो सकता और अरुण पन्नालाल जैसे उच्च शिक्षित व्यक्ति को क्या पढ़ा था की किसी अन्य धर्म पर टिप्पणी करें। याद रखें समुद्र बहुत गर्जना करता है उसे पर उसे थामने का कम रेत ही कर लेती है। 
फिलहाल अरुण पन्नालाल की जमानत याचिका सेशन कोर्ट रायपुर से खारिज हो चुके हैं और सुनवाई के लिए उच्च न्यायालय में लगी हुई है।