तेलीबांधा थाना में अपराध पंजीबद्ध, बीज निगम में नौकरी दिलाने का मामला
फर्जी नियुक्ति आदेश मामले में भाजपा पूर्व जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी की भूमिका
- By 24hnbc --
- Sunday, 06 Sep, 2026
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बलौदा बाजार, 7 सितंबर 2026।
बीज एवं कृषि विकास निगम में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित फर्जी नियुक्ति आदेश जारी कर धोखाधड़ी किए जाने के मामले में बलौदाबाजार के निष्कासित भाजपा नेता एवं पूर्व जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी की भूमिका सामने आई है। रायपुर के तेलीबांधा थाने में दर्ज मामले की जांच के दौरान कसडोल निवासी हेमंत साहू का बयान सामने आने के बाद पुलिस ने कृष्णा अवस्थी के खिलाफ साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस के अनुसार हेमंत ने नौकरी दिलाने के नाम पर कृष्णा अवस्थी को दो लाख रुपए देने की बात कही है। उसे मामले में सरकारी गवाह बनाए जाने की जानकारी सामने आई है।
डाटा एंट्री ऑपरेटर की नौकरी का दिया था झांसा, पुलिस के अनुसार हेमंत साहू को छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया था। इसके एवज में उससे कथित तौर पर दो लाख रुपए लिए गए। इसके बाद उसे निगम के नाम से फर्जी नियुक्ति आदेश उपलब्ध कराया गया।
हेमंत के बयान के अनुसार यह राशि कृष्णा अवस्थी को दी गई थी। पुलिस ने उसके बयान के साथ उपलब्ध दस्तावेजों की जांच की, जिसके आधार पर मामले में कृष्णा अवस्थी की भूमिका सामने आने की बात कही गई है।
अधिकारी की शिकायत पर शुरू हुई थी जांच तेलीबांधा थाने में बीज निगम के अधिकारी विजय कुमार वर्मा की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में निगम के नाम और विभागीय दस्तावेजों का कथित रूप से दुरुपयोग कर फर्जी नियुक्ति आदेश जारी करने की बात सामने आई थी। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को हेमंत साहू के संबंध में जानकारी मिली।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में हेमंत ने नौकरी दिलाने के नाम पर दो लाख रुपए दिए जाने और इसके बाद फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र मिलने की जानकारी दी। बयान और दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने कृष्णा अवस्थी की भूमिका की जांच आगे बढ़ाई।
कसडोल में कार्यालय नहीं, फिर भी जारी हुआ नियुक्ति पत्र इस मामले की खास बात यह है कि कथित नियुक्ति आदेश में कसडोल में बीज निगम की इकाई से संबंधित जानकारी दी गई थी, जबकि विभागीय अधिकारियों के अनुसार वहां निगम का ऐसा कोई कार्यालय नहीं है। निगम की ओर से कथित नियुक्ति पत्र को अवैध बताया गया है। अधिकारी ने दस्तावेज पर अपने हस्ताक्षर को भी फर्जी बताया था।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी नियुक्ति आदेश किसने तैयार किया, उसमें विभागीय लेटरहेड और हस्ताक्षर का इस्तेमाल कैसे हुआ तथा इसे तैयार करने और संबंधित व्यक्ति तक पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका रही।
रिसदा क्षेत्र से भी जुड़े तार पुलिस के अनुसार ग्राम रिसदा, थाना पलारी क्षेत्र में भी फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किए जाने से संबंधित जानकारी सामने आई है। इससे पुलिस को आशंका है कि फर्जी नियुक्ति आदेश तैयार कर नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लेने का मामला एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की विस्तृत जांच अभी जारी है।
तेलीबांधा थाने में दर्ज है मामला तेलीबांधा थाने में अपराध क्रमांक 382/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(3), 338 और 340(2) में मामला दर्ज है। पुलिस मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका और आर्थिक लेन-देन की भी जांच कर रही है।
गौरतलब है कि कृष्णा अवस्थी पहले से ही पलारी थाने में दर्ज फर्जी स्थानांतरण आदेश मामले में जेल में निरुद्ध हैं। उस मामले में उनके पुत्र प्रणव अवस्थी समेत छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, प्रणव अवस्थी के खिलाफ नौकरी लगाने के नाम पर रकम लेने के अलग-अलग आरोपों में भी एफआईआर दर्ज हो चुकी है। ऐसे में बीज निगम के फर्जी नियुक्ति आदेश मामले में कृष्णा अवस्थी की भूमिका सामने आने से पुलिस जांच का दायरा और बढ़ गया है।

