क्या इन मामलों में गंभीरता से जांच होगी
50000 नहीं देने से छुब्ध होकर किसान ने खाया जहर, थाने से ट्रैक्टर को किया गया रवाना
- By 24hnbc --
- Thursday, 18 Jun, 2026
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बलौदाबाजार, 19 जून 2026।
बलौदाबाजार भाटापारा जिले में बहुत ही अजब गजब कहानी पढ़ने सुनने देखने को मिलते रहता है इसी तारतम्य में बीते दिवस सुबह 7:00 के आसपास सिनोधा रेत घाट से एक ट्रैक्टर रेत भर के जा रही थी साथ ही साथ भदरा की ओर से दो ट्रैक्टर भी ईंट से भरी हुई आ रही थी और इस बीच में नायब तहसीलदार की हुई एंट्री और तीनों गाड़ियों की जांच पड़ताल हुई साथ में राजस्व के अम्ला और कोटवार भी थे जब जांच पड़ताल हुई तब किसान का बेटा ट्रैक्टर लेकर आ रहा था और जब जांच पड़ताल हुई तब एक ट्रैक्टर को जो ईंट से भरी हुई थी उसे मौके से ही रवाना कर दिया गया साथ ही साथ रेत से भरी हुई ट्रैक्टर और ईंट से भरी हुई ट्रैक्टर को थाना पर ले जाया गया मगर बाद में पता चला की ईंट से भरी हुई ट्रैक्टर भी वहां से निकल पड़ी।
*आखिर कितने गाड़ी पर कार्रवाई कितने पर मांढोली*
बिस्तर में पड़े किसान ने बताया कि आखिर कार्यवाही ही करना था तो तीनों गाड़ी पर होना था मगर एक गाड़ी पर कार्यवाही होना और एक गाड़ी को थाना से रवाना करना और एक गाड़ी पर तत्काल रवाना करना कर देना किस स्थिति को दर्शाता है और वह भी बिना स्थिति का जायजा लिए हुए।
*क्या किसी का जहर खाना मामूली बात है--सूत्र*
आज भी कई तरह के घटनाएं होती रहती है और जब कोई मरता है तो कोई ना कोई कारण होता है क्योंकि किसी का शरीर से प्राण का जाना मामूली बात नहीं है और आज जिस प्रकार से किसान ने जहर खाया वह कोई मामूली बात पर नहीं है आंतरिक स्थिति पर जो मन को क्षुब्ध कर देती है तब इस तरह की घटनाओं पर उन्होंने जहर खाया कहने का तात्पर्य यह है कि जब कोई ट्रेन में कट कर मरता है यह जहर खाता है या फांसी लगता है तो उसके पीछे इतनी बड़ी वजह और इतना बड़ा दुखों का अंबार रहता है जिसके कारण वह मन से आत्मा से क्षुब्द हो जाता है इसी कारण से इस तरह के कार्यों को निष्पादित करता है और आज किसान भयंकर दुख की बेला में इस घटना को अंजाम देने पर चल पड़ा।
*राजस्व विभाग की घोर लापरवाही लगातार आ रही सामने*
बलौदाबाजार भाटापारा जिले में राजस्व विभाग की अठखेलियां लगातार चल रही है पिछले साल सुहेला के एक किसान ने मंत्री से मिलने के बाद जब तहसील कार्यालय पहुंचे और जब तहसीलदार ने उसे सब के बीच में चिल्लाया और धमकाया और जो करना है कर लो इस तरह की बातों का जिक्र किया जिसके कारण वह किसान ने भी हाथ में रखे कीटनाशक दवाई का सेवन किया और इसी तरह आज भाटापारा तहसील में भी एक गांव का किसान लगातार तहसील के चक्कर काट रहा है और वह लगातार पटवारी और तहसीलदार पर कई तरह के आरोप प्रत्यारोप लग रहे हैं और वह भी कई बार प्रशासन को आवेदन दे चुके हैं और वह कह रहे हैं कि अगर मेरा प्रकरण का निराकरण नहीं हुआ तो अप्रिय घटना हो सकती है और आज इसी तरह कसडोल के अस्पताल में उस बिस्तर पर अभी जहर खाकर पड़े हुए किसान का है जिन्होंने तहसीलदार पर ₹50000 मांगने का आरोप लगाया और जब तहसीलदार ने उनकी गाड़ी नहीं छोड़ी तब उन्हे भयंकर दुख हुआ इस तरह का कदम उठाया। और मिली जानकारी के अनुसार जो रेत की गाड़ी आ रही थी जिस व्यक्ति के लिए वह राजस्व के ही अमला का हिस्सा है और अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या राजस्व ही राजस्व के अम्ले के लिए कार्यवाही करेगी या फिर पैसे की माढोली का खेल इस तरह से प्रशासन का चलते रहेगा और अभी इस पर पूरे ट्रैक्टर संघ और प्रशासन के बीच कार्यवाही के बातों को लेकर तनातनी चल रही है साथ ही साथ विपक्षी दल के नेता भी लगातार पहुंच रहे हैं और कसडोल के विधायक भी लगातार इस बात की पूरी जानकारी लेते हुए इस पर कार्यवाही के लिए प्रयासरत है खबर अभी बाकी है वह अगले अंक में सभी पक्षों का बयान लेकर खबर पुन प्रकाशित करेगी....


