No icon

स्वयं को नियमों से ऊपर बताते हैं

पूरा व्यापार है कोचिंग संस्थान

24hnbc.com
बिलासपुर, 27 मार्च 2026। 
2024 - 25 के शैक्षणिक सत्र में 24hnbc पूरी गंभीरता के साथ कोचिंग संस्थानों में सरकारी दिशा निर्देश के पालन न होने के मुद्दे को उठाया। समय-समय पर उचित मंच पर दिशा निर्देश का पालन हो के लिए पत्राचार भी किया। इस बार जब अभी कोचिंग संस्थानों में दाखिले का क्रम शुरू हुआ ही है। तो स्कूलों के नियम और मान्यता का प्रश्न खड़ा हो जाना स्पष्ट रूप से कोचिंग संस्थानों के अनियमितताओं पर ध्यान न जाए का गेम प्लान है।
पूरा मामला मीडिया के मार्केटिंग से जुड़ा हुआ है। स्कूल के पास विज्ञापन का सीमित बजट है दूसरी ओर कोचिंग संस्थाएं कंपनी की तर्ज पर काम करती है और विज्ञापन का बड़ा बजट लेकर चलती है। जिसमें आउटडोर मीडिया विज्ञापन भी शामिल है। कोचिंग पढ़ने वालों के साथ फीस के कितने घोटाले होते हैं इसका उदाहरण वर्ष 2025 में लिंक रोड में तब दिखाई दिया जब एक पीड़ित माइक और स्पीकर लेकर एक कोचिंग के सामने खड़ा हो गया और अपनी बात को पीड़ित ने स्वयं सोशल मीडिया पर वायरल किया। उसे अपनी बात रखने के कारण संस्थान छोड़ना ही पड़ गया। 
कोचिंग संस्थानों में पूरी तरह से एक बिजनेस मॉडल का पालन किया जाता है और यहां की समस्या जैसे फैकल्टी, न्यूनतम आयु वर्ग का पालन न होना, कोचिंग के अंदर समितियां का गठन न होना, न्यूनतम मेडिकल सुविधा प्रदान न करना और सबसे बड़ी बात स्थानीय प्रशासन जिला प्रशासन से ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है कि कोचिंग संस्थानों का समय समय पर निरीक्षण हो सके ऐसा लगता है की कोचिंग संस्थानों ने राजनीति में इतनी घुसपैठ कर ली है की वे उन्हीं की गोद में बैठ गए।