खुल गया वाहन ऋण का घोटाला
मसीही स्कूल की गुम इनोवा पर भौतिक कब्जे के लिए बैंक का पत्र
- By 24hnbc --
- Tuesday, 17 Feb, 2026
24hnbc.com
बिलासपुर, 18 फरवरी 2026।
छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजूकेशन के छत्तीसगढ़ में 19 स्कूल है। कुछ स्कूलों ने अपनी सुविधा के लिए महंगी एक्सयूवी खरीदी बैंक से लोन लेकर इसमें कुछ आपत्ति हो सकती है। जिस पर बाद में चर्चा करेंगे पर पहले बैंक ऑफ़ बड़ोदा बिलासपुर राजकिशोर नगर ब्रांच का यह पत्र जो उन्होंने पुलिस सुपरिटेंडेंट रायपुर को प्रेषित किया है। पत्र कहता है कि उन्हें एक चार का सुरक्षा बल दिया जाए क्योंकि उन्हें इनोवा क्रिस्टा सीजी 04, पीएफ 7436 का भौतिक पोजीशन लेना है।
समाचार पढ़ने वालों को लग सकता है कि यह तो साधारण बात है असल में बिलासपुर के बर्जेस स्कूल की प्राचार्य हंसा दास और छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजूकेशन कीप पदाधिकारी शशि वाघे के नाम से इस इनोवा वहां को बैंक ऑफ़ बड़ौदा से लोन लेकर खरीदा गया। प्रारंभ में तो किस आसानी से पटी गई और वहां बर्जेस स्कूल में रहा जब छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजूकेशन पर अन्य पदाधिकारी का कब्जा हुआ तो यह वाहन बर्जेस स्कूल बिलासपुर से छत्तीसगढ़ डायोसिस के पदाधिकारियों के पास चला गया कारण सीडीबीई के पदाधिकारी और छत्तीसगढ़ डायोसिस के पदाधिकारी एक ही थे। 6 महीने पूर्व जब रजिस्टर फॉर्म सोसायटी ने नितिन लॉरेंस जयदीप रॉबिंसन को वैधानिक पदाधिकारी नहीं माना और उसे समिति को विधि शून्य घोषित कर दिया तो स्कूल में वाहन की ईएमआई जमा करना बंद कर दी गई। लगातार ईएमआई न मिलने के कारण बैंक ऑफ़ बड़ोदा ने वाहन पर भौतिक आधिपत्य के लिए उसे खोजना प्रारंभ किया यही कहानी में ट्विस्ट है।
बैंक के पदाधिकारियों को पता चला कि वहां तो छत्तीसगढ़ डायोसिस के पदाधिकारीयों के द्वारा उपयोग किया जा रहा है तब बैंक ऑफ़ बड़ोदा ने यह पत्र रायपुर एसपी को लिखा हमने जब और जानकारी प्राप्त की तो पता चला कि ऐसे अन्य तीन और इनोवा है। सालेम स्कूल, मुंगेली स्कूल और एक अन्य स्कूलों के प्रिंसिपल के नाम पर फाइनेंस हुए हैं। सालेम स्कूल प्रबंधन पर एक अन्य बड़ा आरोप है सरकार से जारी एक सहायता राशि की मद से एक वाहन खरीदा गया अथवा मद का दुरुपयोग किया गया। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि इसी वित्तीय वर्ष की ऑडिट रिपोर्ट में ऑडिटर ने भी वहां के लांग बुक मेंटेन ना होने और डीजल खर्च में बहुत बड़ी धनराशि जाने पर आपत्ति की है। मोटा मोटी समझ आता है कि वाहन स्कूल में है ही नहीं और वाहन का उपयोग अन्यत्र डायोसिस के पदाधिकारीयों द्वारा किया जा रहा है। मनमर्जी पूरे छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड में वाहन दौड़ रहा है। ऐसे में लांग बुक क्यों मेंटेन होगी। बैंक ऑफ़ बड़ौदा के स्टैंटर से छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजूकेशन छत्तीसगढ़ डायोसिस अपंजीकृत के पदाधिकारीयों का नया घोटाला बाहर आता है। अब देखने वाली बात है कि वाहन पर बैंक ऑफ़ बड़ौदा का भौतिक कब्जा होगा या नहीं और धनराशि का बेजा इस्तेमाल का भांडा खुल जाने के बाद स्कूल के प्राचार्य और कथित पदाधिकारीयों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी।


