No icon

24hnbc

बहुत देर से जागे, जनाब फिर भी याद नहीं रहा अपना वित्तीय घोटाला

24hnbc.com
बिलासपुर, 17 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ डायोसिस की बिशप और सीएनआई के सचिव नितिन लॉरेंस अचानक जाग गए और उन्होंने चिट्ठी सौंप कर सालेम इंग्लिश मीडियम स्कूल के पूर्व प्राचार्य वीके सिंह के कार्यकाल में हुए तीन करोड़ के हुए वित्तीय घपले की जांच की मांग की है। इन पदाधिकारी द्वै की नींद कब खुली जब 2025-26 के ऑडिट में निलंबित प्राचार्य रूपिका लॉरेंस पति नितिन लॉरेंस के ऊपर न केवल ऑडिट की आपत्ति है बल्कि थाना सिविल लाइन रायपुर में 2025 में कई धाराओं के अंतर्गत एक एफआईआर भी दर्ज है और इस प्रकरण में नितिन लॉरेंस, रूपिका लॉरेंस, जयदीप रॉबिंसन, बीके नंदा, नायक और अजय उमेश जेम्स उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत पर हैं।
बिशप के पत्र के पूर्व पुलिस कमिश्नर रायपुर को व्हिसल ब्लोअर ने एक पत्र लिखा है जिसमें सीए सुनील जैन की ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर जांच की मांग की है। ऑडिट रिपोर्ट जी वित्तीय वर्ष की है तब रूपिका लॉरेंस ही इस स्कूल की प्राचार्य थी और बड़ी मात्रा में धनराशि को डायोसिस में दिया गया। डायोसिस की कमान तब भी बिशप सुषमा के पास थी। स्कूल की फीस की राशि को डायोसिस मैं देना बड़ा संदेश खड़ा करता है क्योंकि डायोसिस अपंजीकृत संस्था है और डायोसिस से धार्मिक प्रचार प्रसार के काम के लिए छात्रों के फीस की राशि का उपयोग नहीं किया जा सकता है। अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि छत्तीसगढ़ डायोसिस अपंजीकृत और उसके वे पदाधिकारी जिन्हें शासन ने छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजूकेशन पंजीकृत के वैदिक पदाधिकारी ही नहीं माना वे किस तरह बार-बार पत्राचार करके सालेम के वित्तीय घोटाले को रेखांकित करते हैं और उसे वित्तीय घोटाले पर चुप हो जाते हैं जो उसे समय हुआ जब वे पदाधिकारी ना होते हुए भी पद धारण करते थे और विभिन्न स्कूलों से शिक्षकों गैर शैक्षणिक स्टाफ को निलंबित करते थे। पूरा मामला इतना विस्तृत है कि इस पर शोध प्रबंध लिखा जा सकता है।