वित्तीय घोटाले की मूसलाधार पर कब होगा एक्शन
लाखों की वित्तीय अनियमितता सालेम स्कूल में
- By 24hnbc --
- Thursday, 12 Feb, 2026
24hnbc.com
बिलासपुर, 13 फरवरी 2026।
छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजूकेशन पंजीकृत के अंतर्गत संचालित शाला सालेम इंग्लिश स्कूल रायपुर का ऑडिट वर्ष 2024-25 में ऑडिटर सीए सुनील के जैन कंपनी ने जो वित्तीय अनियमितताओं की ओर इशारा किया है। वह बताती है कि समिति के अवैधानिक पदाधिकारीयों ने प्राचार्य और अकाउंटेंट को साथ मिलकर स्कूल का कैसे बनटाधार किया। खर्चो को देखकर लगता है कि पहले धनराशि को खर्च कर दिया गया और बाद में, उसके मद तैयार किए गए। सीए की रिपोर्ट कहती है कि स्थाई संपत्ति रजिस्टर का भौतिक सत्यापन और उपभोग रिपोर्ट नहीं दी गई । रुपए 4099871 जो विभिन्न संस्थाओं से प्राप्त होनी है निश्चित नहीं है। इसी तरह भविष्य निधि की राशि 6951503 को शिक्षकों के वेतन से काटा तो गया पर उसे जमा नहीं किया गया। 180778 सालेम इंग्लिश स्कूल हॉस्टल से 2553871 रुपए प्राप्त होना है पर यह हॉस्टल बंद है। प्रबंध हॉस्टल पर 45450 रुपए खर्च कर दिए गए। टीडीएस आईटी की रकम कांटे बगैर 39259 का भुगतान सुंदरम फाइनेंस को किया गया। कैंटीन के खाते में रकम 400000 नगद ले ली गई जो की तमाम वित्तीय नियमों का घोर उल्लंघन है।₹50000 की राशि मीडिया मार्केटिंग को दी गई इस पर भी टीडीएस आईटी नहीं काटी गई। पुरानी स्कूल बस बेच दी गई पर इसका अनुमोदन नहीं लिया गया । शाला के वाहनों में एक-एक महीने के भीतर 3 से 4 लख रुपए का डीजल खर्च दिखाया गया। पर किसी भी वाहन की लॉग बुक मेंटेन नहीं है। कौन सा वहां कितने किलोमीटर चला, किस उद्देश्य से चलाया गया का विवरण नहीं है। स्थाई संपत्तियों पर बिना वजह बिना बजट किए गए जिसका कोई हिसाब किताब नहीं है। करोड़ों रुपए खर्च किए गए पर शाल के पान नंबर की जगह सीडीबीई के पान नंबर का उपयोग किया गया। रुपए 10000 से अधिक की राशि एक ही दिन में एक व्यक्ति को कई बार भुगतान की गई। यह आयकर विभाग के नियम 1961 यूएस 40 ए का घोर उल्लंघन है।
भविष्य निधि की राशि न पटाने के कारण 849747 रुपए की पेनल्टी पर भी ऑडिटर ने गंभीर आपत्ति दर्ज की, सालेम स्कूल में 11 लख रुपए का घाटा है अर्थात आय से ज्यादा खर्च किया गया है। इसे किसी भी तरीके से वैध नहीं कहा जा सकता। कुल मिलाकर अवैधानिक पदाधिकारी ने डायोसिस का नियम की समस्त संस्थाओं का ऑडिट एक विशेष अनुमोदित सीए से करना था इस नियम के स्थान पर अपने चाहते ऑडिटर को यह काम दिया गया। फिर भी प्रोफेशनल एथिक्स जहां ईमानदारी से पालन की जाती है वहां वित्तीय अनियमितताओं को कोई भी सीए छिपा नहीं सकता। यही कारण है कि सालेम स्कूल की वित्तीय अनियमितता सामने आ गई।
सालेम का ऑडिट तो एक नमूना है इनके द्वारा बिलासपुर में संचालित बर्जेस स्कूल में भी करोड़ों की वित्तीय अनियमितता है। जिसकी जांच के बाद भी आज तारीख तक एफआईआर नहीं हुई है और इससे भी बड़ा आश्चर्य कि सालेम स्कूल की प्राचार्य और स्कूल को मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित करा दिया गया। और उसके प्रचार प्रसार में भी खर्च किया गया।


