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ईमानदारी से जांच के बाद आरोपो से वार झेल रहा जांच अधिकारी
- By 24hnbc --
- Tuesday, 03 Feb, 2026
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रायपुर/ बिलासपुर, 4 फरवरी 2026।
छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजूकेशन पंजीकृत में फर्जी पदाधिकारीयों का मामला अग्रिम जमानत के खिलाफ जब से देश की सर्वोच्च अदालत में एसएलपी के माध्यम से सनी पर क्या लगा प्रायोजित समाचार की रफ्तार बढ़ गई। व्हिसल ब्लोअर ने 16.9. 2023 जब रायपुर सिविल लाइन थाना सीएसपी के समक्ष शिकायत दर्ज कराई और जांच प्रतिवेदन में संज्ञेय अपराध की टिप उच्च अधिकारी ने लिखी साथ ही थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया पर अधिकारी के निर्देश के बावजूद एफआईआर नहीं हुई लंबा समय बीत गया आखिर किसी एक पुलिस अधिकारी का विवेक जागा और 2025 में एफआईआर दर्ज हो गई। दर्ज होने के पूर्व लोकेश कावड़िया भाजपा नेता ने रायपुर एसपी एवं अन्य उच्च अधिकारियों को कई पत्र लिखें। 24hnbc ने कई बार उन पत्रों की कॉपी छापी। एफआईआर दर्द होने के बाद नितिन लॉरेंस, रूपिका लॉरेंस, अजय उमेश जेम्स, बीके नंदा, नायक की अग्रिम जमानत याचिका जिला न्यायालय रायपुर से खारिज हुई और सबको उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ से राहत मिली। दो अग्रिम जमानत याचिका नितिन लॉरेंस और जयदीप रॉबिंसन के विरुद्ध उच्च न्यायालय में एसएलपी दाखिल है इस एसएलपी के शिकार होने के बाद भी अचानक रजिस्टर फॉर्म समिति की महिला अधिकारी भोई और सिविल लाइन थाना रायपुर के जांच अधिकारी को भ्रष्ट होने का तरीका जाने लगा। यह अपने आप में हास्यास्पद है सीएसपी के निर्देश के बावजूद 18 महीने तक जिन अधिकारियों ने एफआईआर दर्ज नहीं कि वे ईमानदार हो गई और जिसने दर्ज की वह भ्रष्ट हो गया पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हर धारा के समर्थन में दस्तावेजी प्रमाण एकत्र होते ही कथित पदाधिकारीयों को परेशानी हो गई। उच्च न्यायालय में जवाब दाखिल करने के पहले प्रोपेगेंडा किया जा रहा है।


