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दंत विहीन संगठन जन्मदिन पर देते हैं बधाई

छत्तीसगढ़ में रोज हो रहा मानव अधिकार उल्लंघन

24hnbc.com 
बिलासपुर, 21 दिसंबर 2025। 
एक समय था जब किसी मानव अधिकार संगठन में एक नियुक्ति होती थी और सरकार के माथे पर पसीना आ जाता था पीयूसीएल जैसे मानव अधिकार संगठन की सूचनाएं प्राप्त करने के लिए तो राज्य सरकार और केंद्र की विभिन्न खुफिया संस्थाएं अलग विंग बना देती थी। एक कार्यक्रम और सरकार ऊपर से नीचे तक हिल जाती थी पर आज एक नहीं दर्जनों मानव अधिकार संगठन है किसी भी शहर से गांव तक जाइए इसके पदाधिकारी बड़े ठसके से अपनी एक्सयूवी और महंगी कारों में घूमते नजर आते हैं पर मानव अधिकार के लिए काम कितना हो रहा है जो बात सच है।वह यह है कि मानव अधिकार का सबसे अधिक हनन तो सरकार और उसकी एजेंसी ही करती है। ऐसे में सरकार की उसकी एजेंसी की कृपा पात्र बनने के लिए यह मानव अधिकार संगठन कभी भी मानव अधिकार के लिए संघर्ष करते दिखाई नहीं देते उल्टे उनके पदाधिकारी पुलिस के साथ मित्रवत दिखाई देते हैं। यहीं से पोल खुलती है इन कथित संगठनों की और आज छत्तीसगढ़ में ऐसे दर्जनों संगठन है जो मानव अधिकार के नाम पर अपना मतलब परस्त अभियान चला रहे हैं अन्यथा एट भट्टों पर होने वाला मानव अधिकार हनन, रायपुर की जेल मैं आदिवासी नेता की मृत्यु, मृत्यु पश्चात दफनाने के लिए न मिलने वाला स्थान जैसे विषयों पर तो सरकार को हिला कर रख दिया जाता। पर यह संगठन तो केवल मोमेंटो बांटने वाले हैं सो सरकारी मानव अधिकार आयोग और इनमें कोई दांत नहीं है इसलिए तो दांत विहीन संगठन से कोई नहीं डरता।