सालेम पर फिर हुआ कब्जे का प्रयास
डायोसिस के प्रमुख ने की सड़क छाप हरकत
- By 24hnbc --
- Friday, 05 Dec, 2025
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बिलासपुर, 6 दिसंबर 2025।
छत्तीसगढ़ शासन के उपसचिव का आदेश दिनांक 1/12/2025 जिसमें छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजूकेशन की समिति के वैध अवैध पदाधिकारी के बीच विवाद को समाप्त करते हुए 30 दिन के भीतर चुनाव का निर्देश और धारा 33 (1) के तहत रायपुर कलेक्टर को प्रशासक नियुक्त करने कहा गया के बावजूद समिति का झगड़ा है कि शांत होने का नाम ही नहीं ले रहा है। 2/12/2025 को सीडीबीई के अवैधानिक पदाधिकारी ने रायपुर पुलिस को एक पत्र लिखा और कहा कि समिति और सालेम साल की वैध प्राचार्य जिनका निलंबन हो चुका है शाला में पद संभालने जाएंगे और इस काम के लिए पुलिस सहयोग करें।
4/12/2025 सीडीबीई के वैधानिक गुट की प्रमुख ने थाना सिविल लाइन को पत्र लिखा वास्तविक तथ्यों से अवगत कराया और बताया कि सालेम स्कूल ही नहीं छत्तीसगढ़ की 19 स्कूलों में रिसीवर बैठाला गया है। ऐसे में बर्खास्त प्राचार्य अवैधानिक घोषित किए गए पदाधिकारीयों द्वारा कब्जे का जो प्रयास किया जा रहा है वह पूर्णतः गलत है। 5 दिसंबर को छत्तीसगढ़ डायोसिस की बिशप के नेतृत्व में अवैधानिक गुट जिसकी कमान नितिन लॉरेंस करते हैं सादलबल सालेम स्कूल प्रांगण में प्रवेश करे और प्राचार्य कक्ष से लेकर स्कूल पर कब्जे की कोशिश कर रहे थे। इस अवैधानिक कृत्य की सूचना कलेक्टर रायपुर को भी दी गई तब एसडीएम रायपुर हरकत में आए पुलिस भी पहुंची और नितिन गुट को बाहर का रास्ता दिखाया गया। पूरे मामले में छत्तीसगढ़ डायोसिस अपंजीकृत के बिशप जो महिला है कि भूमिका की सख्त आलोचना हो रही है। आम ईसाई यह कहने से नहीं चूक रहा की बिशप ही बाइबल का उल्लंघन करती है। और गलत कार्यों को प्रोत्साहित करती है। आज तक आम ईसाई शांत प्रिय नागरिक माना जाता है जो कानून का पालन करता है। अब ऐसा देखा जा रहा है कि नियमों को तक पर रखकर स्कूल, चर्च भवनो, पादरी के घरों आदि पर बिशप के नेतृत्व में ताला तोड़ा जाते है (तिल्दा की घटना), स्कूलों पर कब्जा किया जाता है (पेंड्रा की घटना), सरकारी घोषित हो गए परिसर में नारेबाजी और कब्जे की कोशिश (मिशन अस्पताल बिलासपुर की घटना) ऐसे उदाहरण है जहां लगता है कि समाज का मुखिया ही और असामाजिक तत्वों के समान बर्ताव कर रहा है। इससे पूरा ईसाई समाज हतप्रभ है। इतना ही नहीं धर्म प्रमुख अपनी भूमिका से हटकर सड़क छाप हरकतों पर उतर आए हैं।


