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इल्लुम बार पर कार्यवाही हल्की....?

चाकूबाजी में कमर से ऊपर वार, फिर भी हत्या के प्रयास की धारा नहीं

24hnbc.com
बिलासपुर, 25 नवंबर 2025।
सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के चर्चित इल्लुम बार में देर रात 12:30 बजे चाकूबाजी की गंभीर घटना हुई, जिसने बिलासपुर की कानून-व्यवस्था पर फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। शराब के नशे में युवक-युवतियों के बीच छेड़छाड़ को लेकर हुआ विवाद इस कदर बढ़ा कि एक युवक पर कमर से ऊपर चाकू से वार किया गया, जिसे जानलेवा हमला माना जाता है।
लेकिन चौंकाने वाली बात यह कि इतने स्पष्ट हमले के बावजूद पुलिस ने हत्या के प्रयास (307) की धारा दर्ज नहीं की। परिजन सवाल उठा रहे हैं—“जब वार जान लेने की नीयत से किया गया, तो धारा क्यों नहीं लगाई गई? आखिर किस दबाव या प्रभाव में यह ‘गलती’ हुई?”
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने 7 लोगों को हिरासत में लिया था, लेकिन कार्रवाई सिर्फ 4 आरोपियों पर की गई, जबकि घायल युवक ने 7 लोगों की पहचान की थी। बाकी 3 आरोपी कार्रवाई से बाहर कैसे रह गए—इस पर भी थाने की चुप्पी गहरी है।
इसके साथ ही एफआईआर दर्ज करने में 18 घंटे की देरी ने पुलिस की कार्यशैली पर और भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी बड़ी घटना के बाद भी पुलिस की कलम चलने में आधा दिन निकल गया। लोग तंज कस रहे हैं—“शायद एफआईआर भी व्हीआईपी की अनुमति से लिखी जाती है।
घटना के बाद थाना परिसर का नज़ारा भी कुछ कम हैरान करने वाला नहीं था। कई महंगी गाड़ियों में पहुंचे लोग आरोपियों के पक्ष में थाने में मौजूद थे, और उन्हें जैसा व्यवहार मिल रहा था, वह आम जनता देखती रह गई।
चर्चित इल्लुम बार समय-समय पर विवादों और झगड़ों का केंद्र रहा है, फिर भी इसे देर रात तक संचालन की छूट मिलना अपने आप में बड़ा सवाल है। यदि समय रहते प्रशासन सख़्त होता, तो शायद ऐसी वारदातें बार-बार न होतीं।
एफआईआर में देरी, हल्की धाराएँ, और व्हीआईपी दबाव के आरोप—यह पूरा मामला बताता है कि यहाँ कानून नहीं, बल्कि प्रभाव ज़्यादा तेज़ चलता है।