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रविवार की विशेष प्रार्थना फिर बढ़ेगा तनाव ... ?
- By 24hnbc --
- Friday, 14 Nov, 2025
24hnbc.comबिलासपुर, 15 नवंबर 2025।
जेकमेन मेमोरियल अस्पताल परिसर में एक ऐतिहासिक चर्च भी है जिस तरह का इतिहास अस्पताल का है, नर्सिंग कॉलेज का है, वैसा ही चर्च का भी है। पहले अस्पताल में भर्ती मरीज और उनके परिजन स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करने इस चर्च में आते थे धीरे-धीरे चर्च का आकार बड़ा हो गया और शहर ही नहीं आसपास के ग्रामीण क्षेत्र से भी सैकड़ो विश्वासी यहां आने लगे। स्थिति यह हो गई की चर्च के बाहर एक सेड बना लिया गया और विशेष प्रार्थना जैसे रविवार इस सेड में ही होती रही। 10 - 11 नवंबर को हाई कोर्ट छत्तीसगढ़ से सीडब्ल्यूबीएम की याचिका जैसे ही खारिज हुई। नगर निगम ने इस पूरे परिसर पर कब्जा कर लिया और 12 नवंबर को जब माननीय सर्वोच्च न्यायालय का यथा स्थिति आदेश आया इसके बाद भी निगम की गतिविधियों की स्थिति उच्च न्यायालय डीबी के आदेश के पूर्व के मुकाबला 10 गुनी अधिक है।
परिसर के भीतर चर्च है प्रार्थना चर्च का अनिवार्य अंग है और इसे रोक नहीं जा सकता 16 दिसंबर को जब विश्वासी फिर एकत्र होंगे तो निगम के समक्ष विकट स्थिति रहेगी। वैसे भी इन दिनों पूरे छत्तीसगढ़ में रोज कहीं न कहीं ईसाई धर्म के प्रचार-प्रसार को लेकर कोई ना कोई शिकायत होती है और तत्काल ही एफआईआर दर्ज हो जाती है। अधिकतर मामलों में प्रचारक की गिरफ्तारी भी होती है तो कुल मिलाकर ईसाई धर्म की स्थिति डामाडोल है। और छत्तीसगढ़ डायोसिस इस पूरे मामले में कहीं ना कहीं बटा हुआ नजर आता है। पर परिसर के भीतर के चर्च के विश्वासी रविवार को अपनी परंपरा अनुसार एकत्र होंगे और उसे समय उन्हें भी यह पता होगा कि उच्चतम न्यायालय ने क्या आदेश दिया है और चर्च में प्रार्थना पर कोई रोक नहीं है।
कल रविवार को यदि निगम परिसर के भीतर स्थित चर्च में विश्वासियों को नहीं जाने देगा तो यह मामला संविधान के धार्मिक स्वतंत्रता अनुच्छेद 25 से 28 के तहत मिले अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन होगा।


