आंतरिक समिति गठित ना करने पर 50000 जुर्माना
विशाखा कमेटी के बाद अब एक नया सिगुफा
24hnbc.com
बिलासपुर, 25 सितंबर 2025।
माननीय न्यायालय ऐसे आदेश देते हैं जिसका पालन नहीं हो सकता और लागू करने वाला कार्यवाही कुछ कर नहीं सकता कार्य स्थल पर लैंगिक उत्पीड़न प्रति शोध एवं प्रतितोष अधिनियम 2013 के अनुसार यहां कहीं भी 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत है तो वहां आंतरिक समिति का गठन होगा और यह कमेटी कार्य स्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की शिकायत के प्रथम सीढ़ी होगी। जहां कहीं भी ऐसी समिति का गठन नहीं होगा तो 50000 रुपए का जुर्माना।
बिलासपुर जहां उच्च न्यायालय है कि हालत यह है कि कई कॉलेजों में महिलाओं के साथ लैंगिक उत्पीड़न हुआ पर कमेटी नहीं थी। नर्सिंग होम, मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में महिलाओं के साथ कई बार उत्पीड़न हुआ है कमेटी नहीं थी। यहां तक की बर्जेस स्कूल, सालेम स्कूल रायपुर महिलाओं ने अपने ही प्रबंधकों के खिलाफ शिकायत की स्कूल में कमिटियां नहीं है। आखिर यह कौन सा चिराग होगा जो संस्थानों में ऐसी कर्मियों का गठन करा देगा।
(समाचार संकलन डाॅली पटेल)


