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अपंजीकृत डायोसिस के नॉन बायोलॉजिकल पदाधिकारी स्वयं को मानते हैं विधान से ऊपर
- By 24hnbc --
- Sunday, 31 Aug, 2025
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बिलासपुर, 31 अगस्त 2025।
जब आप अपंजीकृत होते हैं तो आप स्वयं को देश के विधान और संविधान से ऊपर मानने लगते हैं। हम बात आरएसएस की नहीं कर रहे हैं। हालांकि उनके प्रमुख कल बिलासपुर में थे हमारी चर्चा छत्तीसगढ़ डायोसिस और सीबीडीई के ऊपर है। 2030 - 24 के वित्तीय वर्ष की सालेम की ऑडिट रिपोर्ट में खर्च का ब्योरा समाचार में आने के बाद आना पाई में दर्ज रकम को पढ़कर इसाई समाज के जागरुक नागरिकों के कान से धुआं निकल गया। एक ऐसा स्कूल जिसके जिर्ण छत की रिपेयरिंग नहीं हो पाती वहां स्कूल के विस्तार पर 6037148 और फिर 4626141 रुपए खर्च होता है। टुटी छत की फोटो हम ही ने लगाई थी। सीए की ऑडिट रिपोर्ट के आंकड़ों से ज्यादा विस्फोटक बात यह है कि इस अपंजीकृत संस्था ने अपने ही मैनेजिंग कमेंटी के प्रस्ताव को धत्ता दिखा दिया। प्रस्ताव यह था कि संस्था का ऑडिट जिसमें स्कूल, अस्पताल, और चर्च का ऑडिट होगा वह केवल और केवल रायपुर के के मंगेश्वर एंड कंपनी से कराया जाएगा। आगे कहां गया यदि ऑडिट बिलासपुर जिले के कार्यक्षेत्र में होता है तो यह ऑडिट पमनानी एंड कंपनी ही करेगी और ऑडिट के बाद लिखा रिपोर्ट के के मंगेश्वर को प्रेषित करेगी और उनके अनुमोदन के बाद ही जारी करेगी।
मैनेजमेंट कंपनी के प्रस्ताव की एक कॉपी दिल्ली सेनाइड को भी गई। ऐसे में सालेम का ऑडिट बिलासपुर के जैन एंड कंपनी से कैसे हो गया। तभी तो कहना पड़ता है अपंजीकृत संस्था और उसके पदाधिकारी देश के विधान और संविधान से स्वयं को ऊपर मानते हैं। इसे ही नॉन बायोलॉजिकल कहते हैं।


