जब तक 70-30 का फार्मूला जीवित है चलेगा जोरदार खेल
स्वास्थ्य विभाग में नियमित और संविदा सब है भय मुक्त, फर्जी बिल भुगतान की राशि सीधा ले लेते हैं अपने खाते में
- By 24hnbc --
- Saturday, 25 May, 2024
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बिलासपुर, 26 मई 2024।
जिले के स्वास्थ्य विभाग में नियमित कर्मचारी और संविदा कर्मचारी मिलकर वित्तीय अनियमितताएं, कमीशन, भ्रष्टाचार को अंजाम देते हैं। संविदा पद की की पोस्ट को 30% और नियमित कर्मचारियों की की पोस्ट को 70% भ्रष्टाचार की कुल कमाई का हिस्सा बांटा है। जब कभी भी यह संतुलन बिगड़ा है तभी भ्रष्टाचार की खबरें बाहर आने लगती है।
संविदा कर्मचारियों का हौसला इतना बुलंद है कि भ्रष्टाचार से कमाये सरकारी पैसे को सीधे अपने अकाउंट में ले लेते हैं। ब्लॉक स्तर पर यह खेल जोरदार तरीके से होता है। ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (बीपीओ) की भूमिका जब कभी भी वहां के अकाउंटेड को मिल जाती है तब यह खेल और तेजी से चलता है। खरीदी का बिल आहरण अधिकारी और उसे पैसे को अपने ही खाते में डालने वाला एक ही व्यक्ति होता है। जब कभी इस खेल को कोई संविदा कर्मचारी जान जाता है तो उसके हौसले और बुलंद हो जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग के भ्रष्टाचार की जडे ब्लॉक से नूतन कॉलोनी और नूतन कॉलोनी से ट्रेजरी तक आती है। मामला नसबंदी के लाभार्थी के भुगतान का हो या वाशिंग मशीन खरीदी का सबका बिल कभी ना कभी ट्रेजरी से ही गुजरता है। किसी भी वाउचर पर किसी भी भुगतान पर आपत्ती ट्रेजरी को तभी होती है जब इसका निर्धारण कमीशन ना मिला हो। संविदा कर्मचारी अपने भ्रष्टाचार के पैसे को यदि सीधे अकाउंट में ले लेता है तो आप उनके हिम्मत की दाद दीजिए हाल ही में एक ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर ने 57000 जैसी रकम सीधे अपने अकाउंट में ली। देखने में यह रकम छोटी लगती है पर जब कभी आप या कोई भी साधारण व्यक्ति बैंक में 49000 से अधिक का नकद अथवा चेक जमा करने जाता है उसे अपना पेन नंबर दर्ज करना पड़ता है। इधर प्रोग्राम मैनेजर की हिम्मत देखिए 57000 ट्रेजरी सीधा अपने खाते में ले रहा है।


