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सोमदास ने किडनी निकालने का लगाया आरोप

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समाचार -
बिलासपुर, 8 मई 2023 । जिले के पचमढ़ी थाना अंतर्गत ग्राम सोनलोहर्षी निवासी सोमदास मानिकपुरी ने शहर के एक निजी हॉस्पिटल प्रथम अस्पताल के डॉक्टरों पर अस्पताल में भर्ती अपने पिता के ऑपरेशन के दौरान किडनी निकाल लिए जाने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को दिए ज्ञापन में अपने मृत पिता का पोस्टमार्टम कराए जाने एवं पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उल्लेखनीय है कि आवेदक के विवाह का निमंत्रण कार्ड बांटने जा रहे आवेदक के पिता धर्मदास और छोटे भाई दुर्गेश मानिकपुरी के बाइक को एक स्कॉर्पियो द्वारा जोरदार टक्कर मार देने से बाइक सवार पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हुए थे जिन्हें उपचार के लिए आवेदक द्वारा शहर के प्रथम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था ।धर्मदास का उपचार और और ऑपरेशन के बाद मृत्यु हो गई वही दुर्गेश दास का पैर टूट जाने के कारण अस्पताल में ही इलाज चलता रहा ।प्रथम हॉस्पिटल द्वारा मृतक धर्मदास का आवेदक को मृत्यु का सर्टिफिकेट नहीं दिया गया एवं रीफर किए जाने वाले कागज पर दस्तक कराया गया तथा मृतक का अंतिम संस्कार करने की सलाह दी ।आवेदक अपने मृतक पिता का शव लेकर अपने ग्राम सोन चला गया जहां अंतिम संस्कार के दौरान मृतक धर्मदास के पेट के बगल से चिरफाड का निशान देखे जाने पर उसने व परिवार जनों ने आशंका जाहिर की है कि उपचार के दौरान उनके पिता की किडनी तो नहीं निकाल लिया गया ।आवेदक द्वारा कलेक्टर एसपी को आज सौंपा ज्ञापन में अपने मृत पिता के शव का पोस्टमार्टम कराने तथा किडनी निकाले जाने की आशंका पर जांच कराए जाने की मांग की है आवेदक सोम दास ने पूरे घटनाक्रम का विवरण देते हुए सौप ज्ञापन में कहा है कि
, मैं सोमदास मानिकपुरी पिता स्व. धरमदास मानिकपुरी उम्र 28 वर्ष निवासी ग्राम सोन थाना पचपेड़ी जिला बिलासपुर (छ.ग.) का निवासी हूँ जो कि दिनांक 14.04.2023 को मेरे पिता एवं भाई विवाह का कार्ड बढ़ाने के लिए घर से निकले थे जिनका सावरिया डेरा (सोन) के पास पहुंचाने पर लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाकर कार सीजी-11/ बीजी-4271 के द्वारा ठोकर मार दिये जाने के कारण दुर्घटनाग्रस्त होने पर गंभीर चोटे दोनों को आई थी जिस पर उन्हें ईलाज हेतु पामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया जहां पर दोनों की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें बिलासपर रिफर किया गया मेरे पिताजी के सिर में गंभीर चोट आई थी, तथा मेरे भाई के पर की जांच एवं अंगूठा टूट का फैक्चर हो गया था, हम लोगों के द्वारा मेरे पिता एवं भाई इलाज हेतु स्वास्तिक हॉस्पीटल बिलासपुर छग में दिनांक 14.04.2023 को दोपहर में भर्ती कराया गया था।
 
दिनांक- 15.04.2023 को स्वास्तिक हॉस्पीटल उचित इलाज न होने पर उन्हें रात्रि लगभग 10:30 बजे प्रथम हॉस्पीटल सरकण्डा बहतराई रोड बिलासपुर में भरती कराये जहां पर मेरे भाई एवं पिता का ईलाज प्रारंभ किया गया, डॉक्टर के द्वारा मेरे पिताजी की स्थिति चिंताजनक बताई गयी और ईलाज पर ठीक होने का आश्वासन देते हुए ईलाज किया गया, परंतु डॉक्टर रजनीश पाण्डेय के द्वारा दिनांक 21.04 2023 की 8/5/23 सुबह लगभग 10:30 बजे हम लोगों का जानकारी दी गयी कि मेरे पिताजी की मृत्यु हो गयी है और हम लोग उसे ले जाये जिस पर हम लोगों के द्वारा ईलाज से संबंधित दस्तोवज मांगे जाने पर उनके द्वारा यह कहा गया कि अभी तो तुम्हारा भाई भर्ती है तथा उसके इलाज का बिल भी बच्चा हुआ है, बिल राशि का भुगतान करने आओगे तो सभी
दस्तावेज तुम लोगों को दे दूंगा ! और थाने में मृत्यु की सूचना मेरे द्वारा दे दी गयी है तुम लोग इसे ले जाकर इसका क्रियाकर्म करो हम लोगों के द्वारा पोस्टमार्टम कराये जाने हेतु भी डॉक्टर से कहा गया जिस पर डॉक्टर के द्वारा कहा गया कि पोस्टमार्टम की आवश्यकता नहीं है मै पेपर बनकर दूंगा। उसके बाद तब हम लोग हॉस्पीटल के एम्बुलेंस में मेरे पिता के शव को लेकर अपने गांव गये और वहा पर उनका क्रियाकर्म किये।हम लोग दिनांक 24.04.2023 को अपने भाई का छुट्टी कराने के लिए तथा बचत बिल का भुगतान करने हॉस्पीटल आये तथा बिल का भुगतान किया डॉक्टर रजनीश पाण्डेय के द्वारा हम लोगों को आश्वासन दिया गया कि मै संबंधित समस्त दस्तावेज एवं मृत्यु प्रमाण पत्र थाने वालों को दे दूंगा तुम लोग जाओ जिस पर हम लोग वापस गांव आ गये और हम लोगों के द्वारा अपने पिता का दशकर्म कार्यक्रम किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान मेरे पिता के पेट के बगल में चीरे का निशान पाया गया है, इससे परिवार के कई लोगों ने देखा है मुझे आशंका है कि हॉस्पीटल में ऑपरेशन में मेरे पिता की किडनी निकाली गयी है! अत: इसलिए मेरे पिता का शव को निकालकर पोस्टमार्टम कराया जाए एवं दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए।
कार्यक्रम पश्चात् हम लोगों के द्वारा थाना पचपेड़ी एवं थाना सरकण्डा मे अपने पिता के मृत्यु प्रमाण पत्र एवं दस्तावेज के संबंध जानकारी प्राप्त करने पर हमें जानकारी दी गयी कि हमें कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है, जिस पर हम लोगों के द्वारा डॉक्टर रजनीश पाण्डेय से संपर्क किये जाने पर उसके द्वारा ड्यूटी ऑफिसर से संपर्क कराने के लिए कहा गया और ड्यूटी ऑफिसर से संपर्क करने पर उसके द्वारा टालमटोल करते हुए हम लोगों का यह कह दिया गया है हम लोगों के द्वारा तुम्हारे पिता को रिफर किया गया यह कहकर कुछ कागजों पर हमारे हस्ताक्षर दिखाये गयें।
हम लोग गांव के ग्रामीण किसान है तथा ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं है डॉक्टर के द्वारा हम लोगों से शव ले जाने के संबंध में हस्ताक्षर कराया गया और आज दस्तावेजों की मांग किये जाने पर इस प्रकार से परेशान किया जा रहा है मेरे पिताजी की मृत्यु प्रथम हॉस्पीटल में हुई है तथा उसी हॉस्पीटल के एम्बुलेंस में अपने पिता के शव को लेकर अपने गांव गये यदि मेरे पिताजी की मृत्यु हॉस्पीटल मे नहीं हुई होती तो हम लोग शव को ले जाकर गांव में उसका क्रियाकर्म कैसे करते उक्त बात हम लोगों की समझ में नहीं आ रही है इस बात की शिकायत हम लोगों के द्वारा थाना-सरकण्डा में की गयी परंतु उनके द्वारा कोई
कार्यवाही नहीं किया जा रहा तथा थाना पचपेड़ी वालों के द्वारा यह कहकर टालमटोल किया जा रहा है कि हॉस्पीटल से दस्तावेज आने पर एफआईआर कर कार्यवाही करेगे । उसके बाद भी थाना पचपेड़ी वालो के द्वारा वाहन स्वामी से सांठ-गांठ कर रिपोर्ट दर्ज नहीं किया जा रहा है एवं समझौता किये जाने हेतु दबाव बनाया जा रहा है। मेरे भाई के पैर में आज भी ऑपरेशन पश्चात् राड लगा हुआ है, और उसका ईलाज निरंतर चालू है।
डॉक्टर द्वारा मृत पश्चात् शव ले जाने के संबंध में हस्ताक्षर कराकर, रिफर किये जाने की बात कहीं जा रही है जबकि मेरे पिताजी की मृत्यु प्रथम हॉस्पीटल में हो चुकी थी। और उसके शव को उन्हीं के एम्बुलेंस से हम लोग गांव लेकर गये थे, आज डॉक्टर रजनीश पाण्डेय के द्वारा रिफर किये जाने की बात कही जा रही है जो कि गलत है झूठ है उक्त संबंध में उचित जांच की जावे तथा थाना प्रभारी पंचपेड़ी को प्रथम सूचना-पत्र जांच उपरांत दर्ज किये जाने हेतु निर्देशित करते हुए उचित जांच की जावे।
क्रमशः.....