माल बरामदगी के बाद फरियादी, अभियुक्त हुए एक साथ
चोरों को मिली नई राह.....
- By 24hnbc --
- Monday, 17 Apr, 2023
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समाचार -
बिलासपुर, 17 अप्रैल 2023। इसी महीने के प्रथम सप्ताह में बिलासपुर पुलिस ने मस्तूरी ब्लाक के ग्राम पंचायत गोढाडीह, थाना पंचपेढी का एक मामला पकड़ा। पुलिस ने पूरी ईमानदारी बरती फेरी लगाकर आभूषण का काम करने वाले का चोरी गया 12 लाख का माल पूरा पकड़ा दो आरोपी भी पकड़े और न्यायालय में प्रस्तुत किया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया चालान की तैयारी में जुट गई एक लाख से ज्यादा का माल बरामद हुआ था शो मामला सेन्सेटिव भी था । गिरफ्तारी के तीसरे दिन ही अभियुक्त रूपचंद राय और विजय सूर्यवंशी को जमानत प्राप्त हो गई। हमने जमानत मिल जाएगी का अंदेशा पहले ही जताया था और वैसा ही हुआ। स्वर्ण व्यवसाई अभियुक्त रूपचंद राय और विजय सूर्यवंशी से मिल गया। कारण शादी का सीजन है और इसका अमानक स्तर काम 12 लाख का सोना जब्ती में है जिसे छुड़ाने का एक मात्र तरीका फरियादी और आरोपी के समझौते में था इसी आधार पर माननीय अदालत ने अभियुक्तों को जमानत दे दी। और इस मुकदमे का भविष्य भी तय हो गया अभियुक्तों को आज नहीं तो कल बरी कर दिया जाएगा। जब प्रार्थी ही होस्टाइल हो जाए तो जांच एजेंसी क्या खाक चालान प्रस्तुत करेगी ऐसा मामला अधिकतर सर्राफा व्यवसाय में होता है। फिर अभी तो 22 अप्रैल के दिन अक्षय तृतीया है जब बड़ी मात्रा में परंपरा अनुसार सोना खरीदा जाता है और इसी समय ग्रामीण क्षेत्रों में अमानक स्तर का आभूषण खपाया जाता है। शो 12 लाख के आभूषण बड़ी रकम है इसके पूर्व भी वर्ष 2022 में जयराम नगर क्षेत्र के सरपंच के घर डकैती की खबर आई लूट का माल लगभग 20 लाख से अधिक था जो कि पूरा नकद था पुलिस ने तत्काल गंभीरता दिखाई माल बरामद हो गया और डकैती पूरी फर्जी निकली इस मामले में भी प्रार्थी के विरुद्ध पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की उलट जप्त नकद रकम प्रार्थी को कोर्ट से वापस मिल गई इतना ही नहीं इन दोनों मामलों में इनकम टैक्स, जीएसटी जैसी कोई संस्था ने गंभीरता नहीं दिखाई जबकि दोनों मामलों में इनकी जांच बनती है पर नहीं हुई।
बताया जाता है की स्वर्ण आभूषण जिस गांव में चोरी हुए अभियुक्तों का बड़ा दबदबा है एक तरफ अभियुक्त पत्रकार बनता है और जन चर्चा है कि उसके बारे में शराब का व्यापार भी होता है जिस पर स्थानीय पुलिस और आबकारी विभाग कार्यवाही नहीं करता ग्रामीण भी इन से डरते हैं और इसी भय से स्वर्ण व्यापारी शंकर साहू ने समझौता कर लिया। भरी पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक के सामने अभियुक्त ने स्वयं को फंसाने की बात कही थी जबकि वास्तविकता इसके विपरीत है अभियुक्त जिस स्थान पर रहता है वहां खुलेआम शराब बेची जाती है। इतना ही नहीं ग्रामीण बताते हैं कि यह व्यक्ति पत्रकारिता की आड़ में आरटीआई के झूठे सच्चे शिकायत टाइप के आवेदन लगाता है और सरपंचों को भयभीत करता है यहां तक कि तहसीलदार कार्यालय के अंदर की वार्तालाप भी रिकॉर्ड कर वायरल किया गया और बाद में तहसीलदार के पक्ष में बयान भी दे दिया गया।


