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अब तो न्यायालय से ही उम्मीद है...... आशा सिंह

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समाचार -
बिलासपुर, 16 जनवरी 2023 । शिकायतकर्ता डॉक्टर एच एस कृष्णानी निवासी ई 404 साईं परिसर श्रीकांत वर्मा मार्ग बिलासपुर ने 21/12 /2022 को सरकंडा थाने में अंकित दुबे निवासी अर्चना विहार उत्कर्ष दुबे निवासी अर्चना विहार तथा स्काई हॉस्पिटल प्रबंधक के विरुद्ध आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी के तहत शिकायत दर्ज कराई इस मामले का सीधा संबंध शक्ति सिंह की गिरफ्तारी से है। शक्ति सिंह की गिरफ्तारी 4/10/ 2022 को सिविल लाइन थाने द्वारा अपराध क्रमांक 49/ 2022 धारा 307, 341, 294, 323, 225, 506, 201, 34 के तहत की गई और इस गिरफ्तारी में 307 के कारण आरोपी को लगभग 1 महीने जेल में बिताना पड़ा तब कहीं जाकर उसे छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से जमानत प्राप्त हुई। इन दिनों शक्ति सिंह की मां आशा सिंह अपने पुत्र के विरुद्ध गलत तरीके से लगाई गई धारा 307 में उन लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी के लिए आईजी और मंत्री के दफ्तरों का चक्कर काट रही हैं। जिसमें उन्हें ऐसा लगने लगा है कि व्यवस्था सच का साथ नहीं देती और अब उन्हें उच्च न्यायालय की शरण में जाना होगा। इस प्रकरण में बिलासपुर पुलिस की छवि भी खराब हो रही है। नरेंद्र कुमार ने अपने एफआईआर में कथन किया है कि उत्कर्ष दुबे व अन्य ने कूट रचित बेड हेड टिकट डिस्चार्ज टिकट व क्यूरी रिपोर्ट तैयार कर एक निर्दोष के विरुद्ध उसका उपयोग किया जिसके कारण 307 जैसी गंभीर धारा पुलिस ने लगा दी। जब सिविल लाइन थाना इस मामले में तेजी से काम कर रहा था और अब जब सरकंडा थाना नियम पूर्वक गो स्लो की नीति पर चल रहा है तब दोनों स्थितियों में आशा सिंह को लगता है कि पूरे मामले में पुलिस कुछ खास लोगों के कहने पर कभी तेज चलती है और कभी धीमी वे अपने इसी मामले को लेकर जब बिलासपुर प्रवास पर आए गृहमंत्री, पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर से मिली तो उन्हें निराशा ही हाथ लगी। मंत्री ने तो यहां तक कह दिया कि उनका निजी प्रवास है आशा सिंह सत्ताधारी राजनीतिक दल की महिला नेत्री हैं। हालांकि उन्होंने अपनी इस लड़ाई में कहीं भी अपने राजनीतिक कार्यकर्ता होने को बीच में नहीं लाया है। पर उन्हें ऐसा लगने लगा है कि जिस राजनीतिक दल के लिए उन्होंने कार्य किया 15 साल जब छत्तीसगढ़ में उनके राजनीतिक दल की सरकार नहीं थी संघर्ष किया सत्ता में आने के बाद निष्पक्ष व्यवहार नहीं किया।