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नियोगी के हत्यारे पलटन मल्लाह को फरारी कटवाता था जय नारायण

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समाचार -
बिलासपुर, 18 दिसंबर 2022। हिस्ट्रीशीटर प्राण नाथ त्रिपाठी उर्फ संजू की हत्या में उसके पिता जय नारायण त्रिपाठी का भी हाथ है यह अब तक के समाचारों से स्पष्ट हो रहा है। हमने अपनी पिछली रिपोर्ट में बताया था कि जय नारायण त्रिपाठी ने नगर निगम बिलासपुर का चुनाव जनसंघ की टिकट पर वार्ड नंबर 1 से लड़ा था और जीता था उसके बाद आपातकाल के दौरान वह प्रताप सिंह कस्तूरिया सरदार जो उस समय के भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता हुआ करते थे के साथ दलबदल किया और कांग्रेस में शामिल हो गए कांग्रेस ने उसे बाजार वार्ड से प्रत्याशी बनाया इस चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी राजेश पांडे ने जय नारायण त्रिपाठी को हरा दिया था। एक जानकारी जो सबको आश्चर्य में डाल रही है कि 28 सितंबर 1991 उस समय के मध्य प्रदेश में बड़े श्रमिक नेता के रूप में स्थान बना चुके शंकर गुहा नियोगी हत्या का मुख्य आरोपी पलटन मल्लाह जिसे पकड़ने सीबीआई मिर्जापुर उत्तर प्रदेश पहुंची थी पर सूचना लग जाने के कारण पलटन मल्लाह वहां से भाग निकलने में कामयाब हो गया की गिरफ्तारी बिलासपुर में जय नारायण त्रिपाठी के घर से हुई थी इस मामले में वह काफी दिनों तक जेल में भी रहा जेल से छूटने के बाद वह सार्वजनिक रूप से एक कांग्रेसी नेता का नाम लेकर उन्हें धन्यवाद देता था जिसके कारण वह इस कांड से छूट पाया। सबसे आश्चर्य की बात की जय नारायण त्रिपाठी जिसका अपना लंबा आपराधिक रिकॉर्ड है के नाम पर एक 12 बोर की बंदूक का लाइसेंस भी जारी हुआ है जिसका रिन्यूअल 2022 में भी हुआ, यह बात बड़े आश्चर्य की है बिलासपुर में इस परिवार के खिलाफ जितने भी एफआईआर दर्ज हैं उसमें से 99% एफआईआर सिविल लाइन थाने में ही दर्ज हैं निश्चित रूप से सिविल लाइन थाने में पदस्थ बड़े पुलिस अधिकारियों का संरक्षण कहीं ना कहीं त्रिपाठी परिवार को प्राप्त था। यह मित्रता ठीक वैसे ही थी जैसी पिछले कुछ साल से सकरी थाना के संदर्भ में कपिल त्रिपाठी ने बना ली थी।