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बिलासपुर सेंट्रल जेल पर लागू नहीं होता जेल मैनुअल की जा रही मनमानी
- By 24hnbc --
- Sunday, 07 Nov, 2021
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समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। बिलासपुर सेंट्रल जेल से आजीवन कारावास प्राप्त सजायाफ्ता कैदी रायगढ़ निवासी सत्यम दास महंत पिता कृपाल दास फरार हो गया। मामला इसलिए भी संगीन है कि सत्यम दास को आजीवन कारावास की सजा धारा 363, 366, 376 पास्सो एक्ट के तहत सुनाई गई इसका सीधा सा अर्थ है की एक बलात्कारी सभ्य समाज के बीच घूम रहा है और उसके भाग जाने में पूरी लापरवाही जेल प्रशासन की है । इन सब से इनकार करते हुए जेल अधीक्षक ने केवल चक्ररदार अधिकारी को निलंबित किया है । और शेष के खिलाफ जांच भी नहीं बिठाली भारतीय जेल व्यवस्था में जेल मैनुअल अंग्रेजों के समय का बना है और सजायाफ्ता कैदी को कहां किस क्षेत्र में काम मिलेगा के अधिकार नियम वध है इस जेल मैनुअल में लगभग 700 नियम है। जिसमें से नियम 651, 652, 653, 654, 655, 656, 657, 658 यह तय करते हैं कि कौन सा सजायाफ्ता कैदी कहां पर काम करेगा और जेल मैनुअल ही यह तय करता है कि इन नियमों को स्वीकृति कौन देगा सीधा शब्दों में कहें कि जेल के अंदर जेल सुपरिटेंडेंट सर्वे सर्वा नहीं है किंतु यह बात सेंट्रल जेल बिलासपुर पर लागू नहीं होती आजीवन कारावास का जो कैदी भाग गया उसे गौशाला में काम मिला था और इस काम के लिए सक्षम अधिकारी से अनुमोदन नहीं लिया गया था जबकि ऐसा होना जेल मैनुअल के अनुसार जरूरी था पर ऐसा लगता है कि बिलासपुर जेल में कुछ नए नियम ही चल रहे हैं और जेल मैनुअल को बलाए ताक रख दिया गया है।


