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तखतपुर थाने का मामला पहुंचा. .....उच्च न्यायालय

घरेलू हिंसा दहेज के मामले में पीड़िता के बयान को ही आधार बनाया जाए. .....उच्च न्यायालय

24hnbc.com
समाचार -
बिलासपुर। श्रम विभाग में कार्यरत महिला ने प्रथम लॉकडाउन 2020 के वक्त तखतपुर थाने में घरेलू हिंसा, दहेज, घर से निकाल देना जैसे मुद्दों को आधार बनाकर एक लिखित शिकायत की थी। पीड़िता के अनुसार थाना प्रभारी उस पर दबाव बनाते थे की वह प्रताड़ित करने वालों में प्रेम प्रकाश शर्मा क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी का नाम न लिखाये इस मामले को पीड़िता डीजीपी तक ले गई किंतु पीड़िता को राहत नहीं मिली या यूं कहे की तखतपुर थाने ने अपने डीजीपी के आदेश को भी नहीं माना। पीड़िता ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से रिट पिटिशन क्रमांक 228 / 2021 पेश की और कोर्ट से निवेदन किया कि वह जिन लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट कर रखी है स्वीकार किया जाए। कोर्ट ने कहा कि पुलिस ने 498 ए, 34 आईपीसी के तहत प्रथम सूचना दर्ज कर ली है। और पति तथा माँ के खिलाफ़ रिपोर्ट दर्ज की है। एफआईआर दर्ज हो जाने के बाद नई एफआईआर दर्ज करने नहीं कहा जा सकता । जांच चल रही हैं। इसलिए कोई डायरेक्शन भी नहीं दिया जा सकता। जांच अधिकारी कानून के अनुसार काम करें और पीड़िता के बयान को आधार बनाएं इस तरह अब फिर से पीड़िता के बयान पर ही यह निर्भर करता है कि वह अपने पूर्ववत बयान पर कायम रहती है या नहीं।