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शिक्षा या भू माफिया के इशारे पर हो रहा काम

चोर के सिर पर मोर

24hnbc.com
रायपुर/बिलासपुर, 11 फरवरी 2026। 
राजधानी के एक स्कूल में जिला प्रशासन के एसडीएम को संविधान इतर प्रमुख बनने का चस्का लग गया जो प्रमुख कम प्रशासनिक मुखिया ने उन्हें सौंपा था चुनाव करना वह तो उनसे हुआ नहीं.... पर वे इस संस्था का अघोषित मुखिया बन बैठे हैं। दिसंबर महीने के बाद आज तारीख तक जिन्होंने काम किया उन्हें वेतन नहीं मिला, पर स्वयंभू सर्वेसर्वा चाहता है कि जिन्होंने काम नहीं किया उन्हें पहले वेतन दिया जाए तभी उन्हें वेतन दिया जाएगा।
जिन्होंने काम किया अजब गजब तरीके से काम छत्तीसगढ़ में ही हो सकते हैं। खास कर तब जब संस्था अल्पसंख्यक समुदाय की हो। राजधानी के इस स्कूल का वित्तीय घोटाला तो पुरस्कार प्राप्त प्राचार्य करके गए हैं इसका अंदाजा इसी तथ्य से लगता है कि स्कूल की एफडी से 238000 कुछ ₹100 हर महीने मिलते थे अब नहीं मिलते... निलंबित प्राचार्य के कार्यकाल में यह एफडी टूट गई जिस एफडी का इंटरेस्ट 2 लाख से अधिक हो उनकी मूल रकम का आप अंदाजा लगा लीजिए। 
फ्रॉड की इंतहा ऐसी की हर महीने हजारों रुपए का खर्चा उसे हॉस्टल पर जो बंद है पर इन सब बात को छुपाने के लिए ही एक प्रशासनिक अधिकारी स्वयंभू सर्वेसर्वा बनना चाहता है ऐसा वो किसके इशारे पर कर रहा है। मामला शिक्षा माफिया से लेकर भू माफिया तक हो सकता है क्योंकि स्कूल के पास कई एकड़ की जमीन भी होती है।