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तारा पर हसदेव से रायपुर दिल्ली तक आंदोलन की हवा तेज

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बिलासपुर, 11 सितंबर 2026। 
हसदेव अरण्य ताराकोल ब्लॉक की नीलामी पर रायपुर से लेकर दिल्ली तक हमले तेज हो गए हैं। दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सांसद जयराम रमेश ने मोर्चा खोल कहां की तारा ब्लॉक सीजी सिन गैस और केमिकल लिमिटेड को मिला जो मुंद्रा सिन एनर्जी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी हैं और मुंद्रा स्वयं अदानी इंटरप्राइजेज लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है। इस पूरे मामले को तीन स्टेप में समझ पहला स्टेप 26 जुलाई 2022 छत्तीसगढ़ विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया हसदेव अरण्य में किसी भी कोल ब्लाक का आवंटन या नीलामी न करने की मांग की। 16 जुलाई 2023 को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कहा कि हसदेव में किसी भी नए खदान के आवंटन की जरूरत नहीं है। तीसरा 19 अक्टूबर 2023 को केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने तारा सहित 40 कोल ब्लॉक को नीलामी प्रक्रिया से डी नोटिफाई कर दिया था। पिछले 15 साल से स्थानीय आदिवासी व अन्य ग्राम सभा प्रस्ताव जन अभियान हसदेव से रायपुर तक मार्च निकाल रहे हैं। ताराकोल ब्लॉक लगभग 5000 एकड़ में फैला है। 4000 एकड़ से अधिक घना जंगल है 10 लाख से अधिक पेड़ कट जाएंगे। हाथियों को बड़ा नुकसान होगा क्योंकि लेमरू एलिफेंट रिजर्व और खनन एक साथ नहीं चल सकते। 
इस मामले को लेकर पर्यावरण और आदिवासी संगठनों ने आंदोलन तेज कर दिया है छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन, हसदेव बचाओ संघर्ष समिति ने नीलामी और आवंटन तत्काल निरस्त करने की मांग की। दूसरी ओर अदानी ने यूट्यूब पर जो विज्ञापन डाले हैं उससे लगता है कि हसदेव क्षेत्र में छत्तीसगढ़ बनने के बाद से गहन अंधकार था और उनके आने के बाद से हवा बदल रही है और सब कुछ दलाल स्ट्रीट हो गया है।