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आर्थिक विकास से ही खुलते हैं रोजगार के अवसर ----- एडीएन वाजपेई
- By 24hnbc --
- Tuesday, 26 Dec, 2023
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बिलासपुर, 27 दिसंबर 2023।
उच्च शिक्षा को पूरी तरह से बाजार की ताकतों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। शिक्षा का निजीकरण एक सीमा तक उचित है शिक्षा नीति में पारदर्शिता बेहद जरूरी है और पारदर्शिता से ही निजी क्षेत्र के शिक्षा संस्थानों पर नजर रखी जा सकती है। यह बात अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय बिलासपुर के कुलपति प्रोफेसर एडीएन वाजपेई ने एक बातचीत में कही।
विश्वविद्यालय के कुलपति जो व्याख्यात अर्थशास्त्री भी हैं ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के विकास को दो पाट में देखा जाना चाहिए। पहला पाट 2001 के पहले जब राज्य के प्रमुख शहरों के मध्य भी आवागवन आसान नहीं था और 2001 के बाद जब संपूर्ण राज्य में सड़कों का जाल बिछा। आज शहर के भीतर के गांव मुख्य मार्ग से जुड़े हैं। पूरे राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति हुई है कॉलेज, विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, अभियांत्रिकी कॉलेज सभी खुले। कुछ कमी भी है जिन्हें अनदेखा किया गया, अन्यथा विकास और रोजगार दोनों क्षेत्र में हम और आगे होते पहले मिनरल आधारित उद्योग, अन्य राज्य से बेहतर समन्वय स्थापित कर उद्योगपति को लाकर स्थानीय श्रम और खनिज से बड़ी औद्योगिकरण। दूसरा कृषि क्षेत्र में विविध फसल को बढ़ाया जाता तो कृषि क्षेत्र में मजदूरी बढ़ती साथ ही पलायन में कमी होती इस और ध्यान दिया जाना चाहिए।
प्रशासनिक क्षेत्र में राज्य की बड़ी समस्या नक्सलवाद अभी भी है और इसी कारण एक क्षेत्र मुख्य धारा से कटा हुआ है। सुपर स्ट्रक्चर निर्माण आईटी सेक्टर के लिए राज्य में इकोसिस्टम बने इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए। विश्वविद्यालय के कुलपति ने कहा कि रोजगार निर्माण तभी होगा जब आर्थिक विकास होगा। शिक्षा से रोजगार नहीं मिलता श्री वाजपेई ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा 2021 को लागू करने के साथ राज्य में टास्क फोर्स भी बननी चाहिए। स्कूल में अंग्रेजी के साथ संस्कृत भी पढ़ाई जाए तभी भाषा समृद्ध होगी।
विश्वविद्यालय में इन दोनों शाम रोज गायत्री मंत्र की स्वर लहरी गूंजती है। कुलपति जी से हमारा प्रश्न था आप वैज्ञानिक सोच के साथ आध्यात्मिक है या ऑर्थोडॉक्स आध्यात्मिक जवाब मिला "आध्यात्मिक संपूर्ण व्यक्तित्व को सकारात्मक और वैज्ञानिक सोच प्रदान करती है" यही सही अर्थ में मानववाद है।


