लूटना ही है तो हमारे पास क्यों नहीं आते
खरीद ली एमजी तो अब बच कर कहां जाइएगा जहां जाइएगा इन्हें पाएगा
- By 24hnbc --
- Saturday, 27 May, 2023
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समाचार -
बिलासपुर, 27 मई 2023। खुला बाजार प्रतिस्पर्धा वाला बाजार कहा जाता है कि इन दो विशेषताओं में उपभोक्ता अर्थात ग्राहक बाजार का राजा होता है। पर असलियत ऐसी नहीं है लाखों की महंगी कार खरीदने के पहले और बाद में का अनुभव गुप्तभोगी ही जाने का है। बिलासपुर रायपुर मार्ग पर बहुराष्ट्रीय कार निर्माता कंपनी एमजी की डीलरशिप है। डीलरशिप ने कार निर्माता एमजी मोटर्स की भद पीटने में कोई कसर नहीं छोड़ी इसी डीलर शोरूम से एनसीपी के प्रदेश प्रवक्ता निलेश बिसवास ने भरोसा करके एक महंगी सी कार खरीदी और अब आफ्टर सेल्स सर्विस से पछता रहे हैं। 14 अप्रैल को उन्होंने अपनी गाड़ी टूट-फूट के कारण डीलर के यहां दी, उन्होंने अपनी कार क्रमांक सीजी 10,ए वाई 0099 को बनने दिया गाड़ी का एडान बीमा डीलर के द्वारा ही किया गया है पर उन्हें बीमा का लाभ नहीं मिला इसके तकनीकी कारण हो सकते हैं।
कई बार के तकादो के बाद आज शोरूम वालों ने निलेश बिसवास को मोबाइल पर बताया कि उनकी गाड़ी तैयार हो गई है और वह इसे आकर ले जाएं। निलेश बिसवास ने बताया कि वह दिए हुए निर्धारित समय पर अपनी गाड़ी लेने पहुंचे गाड़ी दिखाने के पूर्व ही उनसे रिपेयरिंग चार्ज जो लगभग 70000 था भुगतान करा लिया गया। अब प्रारंभ हुआ इंतजार ग्राहक का कहना है कि इंतजार करते-करते उन्हें अमिताभ बच्चन की फिल्म शराबी का गाना याद आ रहा था पर जयाप्रदा है कि आई नहीं रही थी। लगभग 2 घंटे से अधिक का इंतजार करा लेने के बाद शोरूम वालों ने कार का दीदार करा दिया पर यह क्या गाड़ी तो 1 महीने बाद भी सुधरी हुई नहीं थी और बिल है कि 70000 पहले ही ले लिया गया था। उपभोक्ता ने अपने स्तर पर शोरूम में, वर्कशॉप में उपस्थित हर व्यक्ति से समस्या का समाधान मांगा पर कार बेच देने के बाद डीलर, कर्मचारी अपनी असल औकात पर आ चुके थे मोनोपली के कारण उन्हें पता है कि ग्राहक कैसा भी प्रभावशाली हो उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता यदि चिड़कर कार बेच भी दे तो भी व्यक्ति छूटेगा कार तो सुधारने डीलर के पास ही आएगी यही वह घमंड है जो इस शोरूम के कर्मचारियों में कूट-कूट कर सिर चढ़कर बोलता है। कार ना मिलने की ना सुधारने की स्थिति में निलेश बिसवास के पास वापसी के अतिरिक्त कोई चारा नहीं था। बिलासपुर पहुंचकर उन्होंने कंपनी से मिले हुए ग्राहक सेवा केंद्र पर संपर्क किया पर यहां भी उनका अनुभव कड़वाहट से भरा रहा कस्टमर केयर पर एक राजपूत सरनेम वाला एग्जीक्यूटिव ने उनसे बात की और लगभग 30 से 45 मिनट तक के संवाद के बावजूद उसने अपने किसी वरिष्ठ से बात नहीं कराई। ग्राहक को डीलर कर्मचारियों द्वारा जिस तरह प्रताड़ित कर दिया गया पर हमने शोरूम कर्मचारियों का पक्ष जानने के लिए एमजी शिवाय मोटर्स के प्रत्यक्ष दर्शन करना ही उचित समझा। शोरूम के एक केबिन में एच आर के बाद वर्कशॉप, बिलिंग और एक अन्य स्टाफ ने एक साथ हमसे बात की आश्चर्य की बात यह है कि उन्होंने स्वयं यह बताया कि जो ग्राहक कस्टमर केयर के भरोसे रहता है और हमें इग्नोर करता है को समय पर सर्विस नहीं मिल सकती आखिर काम तो हमें ही करना है। उन्होंने घमंड से बताया कि छत्तीसगढ़ में जहां कहीं भी एमजी का शोरूम है वह हमारा ही है ऐसे में हम से पंगा भारी पड़ता है जब हमने कंपनी के ऑफर सेल सर्विस वाले विज्ञापनों की चर्चा की तब कर्मचारी ने बेफिक्र के साथ जवाब दिया विज्ञापन तो लुभावने होते ही हैं और यदि वह ऐसा ना हो तो ग्राहक फंसे कैसे.....
कुल मिलाकर शोरूम कर्मचारियों के वाक कुशलता पे यह बात समझ आई कि उन्हें कस्टमर की नाराजगी या परेशानी से कोई सरोकार नहीं है, कारण स्पष्ट है छत्तीसगढ़ में एमजी के सभी शोरूम एक ही व्यक्ति के हैं। कहीं भी जाइए लूटना इन्हीं के हाथों है।


