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कोलमैन हेडली का मुंबई हमले से संबंध

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समाचार -
बिलासपुर, नवंबर 28। 
 
26 तारीख से 3 दिन तक भारत का महानगर मुंबई जिसे आर्थिक के राजधानी कहा जाता है आतंकी हमले से घायल रहा यह एक ऐसा मौका था, जिसके चलते आतंकवाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखने का नजरिया बदल गया । अपराध के पीछे मास्टरमाइंड डेविड कोलमैन हेडली मुकदमे के लिए कभी भारत नहीं लाया गया फिर भी अमेरिका हमारा सबसे अच्छा दोस्त है। डेविड कोलमैन हेडली के पास अमेरिकी नागरिकता ही थी। आतंकवाद पर लिखी गई विभिन्न ने किताबों को पढ़ने के बाद जो सार समझ में आता है। उसका सार इस प्रकार है। मुंबई की पहली यात्रा है हेडली ने 2006 में की उसके पास ताज में रुकने लायक पैसे नहीं थे और वह 4 मील दूर भूलाभाई रोड पर अपना ठिकाना बना कर करीब-करीब रोज ताज होटल जाता था। वहां के बेटर और मेहमानों ने अक्सर उसे हर्बल बार में फ्रेंच सेम्प्सन के साथ देखा है । किताब द सीज द अटेक ओन दी ताज में लिखा है हेडली 6 फीट 2 इंच लंबा लंबे सुनहरे पोनीटेल वाले बाल अक्सर टूडीमुडी जींस कंधों पर चमड़े का जैकेट कलाई में ₹900000 की रोलेक्स की घड़ी मुंबई में वह डेविड के नाम से मशहूर था लेकिन अपनी बहन शैरी सौतेले भाई हमजा पत्नी पोर्सीया, साजिया, फैजा दोस्त राणा के लिए वो पाकिस्तानी मूल का अमेरिकी था जिस का असली नाम दाऊद सलीम जीलानी था। दाऊद कहे या डेविड उसके पिता सैयद सलीम जीलानी पाकिस्तान के नामी ब्रॉडकास्टर थे जो कुछ दिन अमेरिका में काम करने वाशिंगटन गए और वही उनकी मुलाकात शैरील से हुई दोनों ने शादी की पाकिस्तान लौट गए 1966 में तलाक हो गया शैरील वापस अमेरिका लौट गई दाऊद अपने पिता के पास सौतेली मां के साथ लाहौर में रहा। जब वह 16 साल का हुआ तो वह अपनी मां के पास अमेरिका चला गया 1984 में उसका फिर पाकिस्तान से आने-जाने का सिलसिला शुरू हुआ इसी बीच वह ड्रग्स और हीरोइन के काम में लग गया पहली गिरफ्तारी 1988 में हुई जब उसे जर्मन अधिकारियों ने 2 किलो हेरोइन के साथ पकड़ा और अमेरिका को सौंप दिया अमेरिकियों से यही एक सौदा हुआ। किताब कहती है सौदा यह था कि वो उनके लिए मुखबीर का काम करते हुए पाक अमेरिकी हीरोइन नेटवर्क में घुसपैठ कर उसकी गुप्त सूचना डीईए तक पहुंचाएगा । अगस्त 1999 में दाऊद की पाकिस्तान वापसी हुई उसके लिए इस यात्रा का हवाई टिकट अमेरिकी सरकार ने खरीदा। यही उसने पारंपरिक पाकिस्तानी महिला साजिया अहमद से शादी की, उसके पिता अब तक रेडियो पाकिस्तान के महा निदेशक बन चुके थे । साल 2000 के अंत में जब अलकायदा ने यमन में अमरीकी पोत पर हमला या तो डेविड ने लश्कर जिहाद फंड में ₹50000 का चंदा दिया। अगले ढाई साल तक दाऊद कभी पाकिस्तान में रहा तो कभी अमेरिका में दोनों जगह अलग-अलग जिंदगी जी रहा था। इस बीच उसने सलवार कमीज पहनना शुरू कर दिया था शराब, टीवी, मोबाइल फोन से मुंह मोड़ लिया था। 2006 में लश्कर के कमांडर साजिद मीर के कहने पर हेडली को मुंबई हमले की योजना में शामिल किया गया। पहले वह अमेरिका गया दाऊद नाम छोडा डेविड कोलमैन हेडली का नाम धरा नया पासपोर्ट बनाया और पाकिस्तान लौटा। हेडली ने पहली बार सितंबर 2006 में मुंबई में कदम रखा उसने ऐसी मार्केट में अपना दफ्तर बनाया कंपनी का नाम फर्स्ट वर्ल्ड रखा काम था अमेरिका में काम करने वालों को वीजा दिलाने में मदद करना। इसी बीच उसने फाईव फिटनेस हेल्थ क्लब जाना शुरू किया यहीं पर उसकी दोस्ती विलास बरक से हुई और महेश भट्ट के बेटे राहुल भट्ट से हुई राहुल भट्ट ने एक किताब भी लिखी है हेडली एंड आई पर्यटक बनकर हेडली ने राजधानी दिल्ली का भी दौरा किया 50 घंटे का वीडियो शूट किया। तीन बार होटल ताज में रुका, सितंबर 2008 में हेडली को साजिद मीर से संदेश मिला हमला 29 सितंबर को किया जाएगा पर ना हो सका । 26 नवंबर को फिर एक संदेश आया कहा गया कि हमला शुरू हो चुका है हेडली ने अगले 3 दिन टीवी के सामने बिताए। हमले के 4 महीने के बाद मार्च 2009 में हेडली ने फिर एक बार मुंबई की यात्रा की और चर्चगेट के होटल आउट रेन में ठहरा 3 अक्टूबर 2009 हेडली शिकागो से पाकिस्तान जाने के लिए फिलाडेल्फिया हवाई अड्डे पर बैठा और यही उसकी गिरफ्तारी हुई। 3-4 साल के अंदर वह 8 से 9 बार पाकिस्तान, भारत, अमेरिका के बीच घूमता रहा। भारत और अमेरिका के बीच प्रत्यर्पण संधि में प्रावधान है अगर कोई व्यक्ति भारत में कोई अपराध करता है और उसे अमेरिका की धरती पर पकड़ा जाता है तो भारत उसके प्रत्यर्पण की मांग कर सकता है लेकिन हेडली ने संभवत अमेरिका से एक सौदा किया कि वह उनके साथ पूरा सहयोग करेगा बसर्थ उसे भारत या पाकिस्तान को नहीं सौंपा जाए। डेविड कोलमैन हेडली अमेरिका की एक जेल में 35 साल से बंद है और भारत , पाकिस्तान दोनों अमेरिका के दोस्त हैं।