धर्म की राजनीति और कितना पहुंचाएगी नुकसान
कौन है हमारा आदर्श रामचंद्र या राम रहीम
- By 24hnbc --
- Sunday, 23 Oct, 2022
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समाचार -
बिलासपुर, 24 अक्टूबर 2022। 24 अक्टूबर 2022 के दिन आज, 24 अक्टूबर 2002 को सिरसा में हुई रामचंद्र छत्रपति की शहादत को याद करना जरूरी है। खासकर दो कारणों से पहला कारण भारत में पत्रकारिता की बदलती परिस्थितियों और विश्व गुरु जो अपने सनातन संस्कृति को लेकर बड़ा फक्र करता है, में धर्म की या पंथों की गिरती नैतिकता को लेकर 24 अक्टूबर 2002 के दिन रामचंद्र पत्रकार पूरा सच को डेरा सच्चा सौदा के राम रहीम ने अपने गुर्गों से गोली मरवा दी। 21 नवंबर 2022 को दिल्ली में उनकी मृत्यु हो गई आज राम रहीम राजनीति प्रवचन में सजायाफ्ता होते हुए छाया हुआ है। नेता उसका पैर पढ़ कर वोटों की आस लगाते हैं और रामचंद्र को याद करने वाले चुनिंदा लोग क्या ऐसे ही उदाहरणों से हम विश्वगुरु हैं। हमारा वासुदेव कुटुंबकम सनातन धर्म श्रेष्ठ है रामचंद्र छत्रपति को पत्रकारिता का गणेश शंकर विद्यार्थी कहें, भगत सिंह कहे या रामचंद्र ही रहने दें। 2002 से आज 2022 है दो दशक बीत गए हरियाणा का देवताधारी बलात्कारी कुछ लोग की अथक इमानदारी वाली मेहनत से न्याय की तुला पर दोषी पाया गया। उसके बाद भी उसे जेल भेजने के बाद जितनी हिंसा भड़की उसके बाद धर्म को जीवन का आदर्श कौन माने या यूं कहें कि राम रहीम जैसे कक्ष में बुलाकर माफी देने वाले पथप्रदर्शकों ने धर्म के बिगड़े रूप से जो फौज खड़ी की है उन्हें धर्म का असली पक्ष कौन बताएगा। आज न नानक है न कबीर न तुलसीदास न सूरदास न मीरा तब हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। भले ही हमारे अखबार का नाम साईड का नाम पूरा सच न हो पर हमारे आदर्श पूरा सच के रामचंद्र छत्रपति और हर वह पत्रकार, नेता या आम नागरिक है जो पूरा सच के मार्गों पर चलता है। सभी सहयोगियों को दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं इस उम्मीद से कि जहर फैलाने वाले पटाखों का प्रयोग न करें।


