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सार्थक संवाद के बीच पत्रकार कल्याण महासंघ का प्रथम अधिवेशन आयोजित

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समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर । पत्रकार कल्याण महासंघ छत्तीसगढ़ की आमसभा और गणेश शंकर विद्यार्थी अलंकरण समारोह के मौके पर विषय अंतर्गत बोलते हुए संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष शशांक दुबे ने आम सभा में आए सभी पत्रकार बंधुओं का हृदय से आभार व्यक्त किया और सीधे विषय पर आते हुए कहा कि ऐसा कोई भी व्यक्ति जिसने पत्रकारिता को अपना सामाजिक कार्य माना है वह यदि गणेश शंकर विद्यार्थी के जीवन मर्म को नहीं जानता तो उसे नैतिक हक ही नहीं है कि वह पत्रकारिता के क्षेत्र में 1 मिनट भी रुके. ... आज हम जब श्री विद्यार्थी की बात कर रहे हैं तो उनका निधन 25 मार्च 1931 को हुआ था उस समय हमारा देश स्वतंत्र भी नहीं था उनके निधन के 16 -17 वर्ष बाद भारत स्वतंत्र हुआ। और अब जिस तरह की पत्रकारिता चल रही है उसे समय ऐसा क्या है कि हम श्री विद्यार्थी के कालखंड को याद कर रहे हैं। कुछ बातें यहां महत्वपूर्ण हैं उस कालखंड में शासक वर्ग देश में शासन करने की नियत से हिंदू मुस्लिम के बीच सांप्रदायिक झगड़े कराता था और आज भी हो रहे हैं उस समय जब क्रांतिकारी भगत सिंह को फांसी की सजा का ऐलान हुआ तो कानपुर सहित उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से में हिंदू मुसलमानों के बीच दंगे भड़क गए या साफ कहें कि दंगे भड़का दिए गए. ... अपने अखबार की प्रकाशन की चिंता किए बिना श्री विद्यार्थी दंगों को रोकने निकल पड़े और आज हम ऐसे कई पत्रकारों को जानते हैं जो मूलतः मौका पाते ही दंगे भड़काने का काम करते हैं। श्री विद्यार्थी ने साप्ताहिक अखबार प्रताप के प्रारंभ पर लिखा हम न्याय में राजा और प्रजा दोनों का साथ देंगे परंतु अन्याय में दोनों में किसी का भी नहीं हमारी यह हार्दिक अभिलाषा है कि देश की विभिन्न जातियों संप्रदायों और वर्णो में परस्पर मेल मिलाप बड़े वे आगे लिखते हैं जिस दिन हमारी आत्मा ऐसी हो जाए कि हम अपने आदर्शों से ढिग जावे जानबूझकर असत्य की पक्षपाती बनने की बेशर्मी करें और उदारता, स्वतंत्रता, निष्पक्षता को छोड़ देने की भीरुता दिखावें वह दिन हमारे जीवन का सबसे अभागा दिन होगा और हम चाहते हैं कि हमारी उस नैतिक मृत्यु के साथ ही हमारे जीवन का भी अंत हो जाए। वे हर तरह की सांप्रदायिकता का विरोध करते थे चाहे वह हिंदू कट्टरता हो या मुस्लिम कट्टरता कि वे तीखी आलोचना करते है कुछ लोग हिंदू राष्ट्र- हिंदू राष्ट्र चिल्लाते हैं हमें क्षमा किया जाए यदि हम कहे नहीं हम इस बात पर जोर देते हैं कि वे एक बड़ी भारी भारी भूल कर रहे हैं और उन्हें अभी तक राष्ट्रीय शब्द का अर्थ ही नहीं समझा हम भविष्यवक्ता नहीं पर अवस्था हमसे कहती है कि अब संसार में हिंदू राष्ट्र नहीं हो सकता वे मुस्लिम कट्टरता के लिए लिखते हैं कि उनकी कब्रे इसी देश में बनेगी । और उनके मरसिए इसी देश में गये जाएंगे आज 2022 है हमारा देश फिर उसी स्थिति में खड़ा है इसे कैसे समझें। इस बीच हमसे ऐसी कौन सी गलतियां हुई कि समाज में विघटनकारी ताकतें फिर से वही सब दोहराना चाहती हैं देश की आर्थिक स्थिति महंगाई बेरोजगारी बढ़ रही है पर वास्तविक समस्या से हटकर हमें बार- बार सांप्रदायिकता की सिलेट पर ऐसे वाक्य लिखने की कोशिश हो रही है कि आमजन अपनी रोजी रोटी की बात छोड़ कर धर्म के नाम पर फिर से लड़ मरे। देश की आर्थिक स्थिति का हाल बेहाल है आप कहेंगे कि गणेश शंकर विद्यार्थी और पत्रकारिता का वर्तमान परिदृश्य से इसका क्या लेना देना है किंतु है. . . . समाज में अर्थव्यवस्था का जो पक्ष छुपाया जा रहा है वही तो काल है हमारे शासन व्यवस्था के अनुमान ध्वस्त हो रहे हैं बजट की ही चर्चा करें इस साल के बजट में राजस्व घाटे का अनुमान 7% लगाया गया। प्रथम तिमाही के परिणाम आ गए हैं राजस्व घाटा 28% है शासन को कमाई 5 लाख 68 हजार करोड़ की हुई और खर्चा 9 लाख 47 हजार करोड का हुआ। रोजगार में बढ़ोतरी 0 है। वेतन भत्ते देने पर 80% खर्च हो रहा है। केंद्र सरकार के कुल राजस्व में सबसे बड़ी कमाई जीएसटी से है उसके बाद इनकम टैक्स का नंबर है जिस क्षेत्र को सबसे ज्यादा छूट दी गई कारपोरेट क्षेत्र से केंद्र सरकार को केवल 3% कमाई हुई जबकि इसी कॉर्पोरेट सेक्टर का जो कर्ज राइटअप किया गया उसका आंकड़ा 8 लाख 53 हजार करोड़ है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार एक झटके में 628 बिलियन डॉलर घट गया जो रिजर्व बैंक केंद्र सरकार को 50,000, 60,000 करोड़ देता था उसने हाथ खड़े कर दिए केवल 30000 करोड दिया उसके बाद भी सच्चाई जनता से कौन छुपा रहा है अब तो जनता को अपने मुद्दे स्वयं पहचानने चाहिए वह धर्म की चाशनी के भीतर की कड़वाहट को क्या नहीं देख सकती या उसे धर्म की अफीम ही इतनी रुचिकर लगती है..... कार्यक्रम में संगठन के महासचिव सुनील कुमार यादव ने उपस्थित सदस्यों को विस्तार से बताया कि 3 माह की छोटी सी अवधि में संगठन का स्वरूप इतनी तेजी से आकार ले चुका है और आने वाले समय में राज्य के सभी प्रमुख जिलों में संगठन का विस्तार हो जाएगा। पत्रकार कल्याण महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सेवक दास दीवान जी ने सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में पत्रकारों के और भी संगठन है किंतु हमारा यह संगठन अन्य से इस मामले में भिन्न है और हमेशा रहेगा कि हमारे यहां एक सबके लिए और सब एक के लिए की भावना है। उन्होंने संगठन के द्वारा आगामी माह में किए जाने वाले रचनात्मक कार्यों की जानकारी दी, साथ ही उन्होंने प्रदेश मुख्य सलाहकार के रूप में संगठन में अभिषेक कुमार गौतम को शामिल किया वे पत्रकारिता के साथ शैक्षणिक सामाजिक क्षेत्रों में विशेष रुप से सक्रिय रहते हैं सेवक दास जी ने कहा कि अभिषेक जी को मुख्य सलाहकार के रूप में संगठन में शामिल करते हुए इस बात का भरोसा है कि संगठन उनकी सलाह से विशेष प्रगति करेगा तथा शिक्षा के क्षेत्र में पत्रकार मित्रों के बच्चों को भी उचित मार्गदर्शन मिल सकेगा। पत्रकार कल्याण महासंघ के प्रथम अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में कन्हैया अग्रवाल प्रदेश महामंत्री कांग्रेस कमेटी ने कहा कि आप सभी का मैं हृदय से आभारी हूं पत्रकार साथियों की हम राजनैतिक व्यक्तियों को जरूरत है सभी के समस्याओं का समाधान पत्रकार करते हैं। पत्रकारों की समस्या आती है तो स्वयं संघर्ष करते दिखाई देते हैं उन्होंने भरोसा दिया कि आप सभी पत्रकार साथियों की सेवा के लिए मैं सदा तत्पर रहूंगा। संगठन के प्रथम अधिवेशन में प्रदेश कोषाध्यक्ष प्रवीण खरे, प्रदेश उपाध्यक्ष गुलाब दीवान, इस्माइल खान, अजीत सिंह, भूषण श्रीवास, कुलेश्वर सिन्हा, प्रदेश सचिव निहारिका श्रीवास्तव, राम गोपाल भार्गव, मनोज गोयल, मधुमिता नियाल, प्राची पांडे, शांति देवांगन सहित सभी पत्रकार साथियों की विशेष भूमिका रही।